ऐसे पहुंचे अनसूया मेला
गोपेश्वर नगर से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर मंडल बाजार तक बस या टैक्सी से और फिर यहां से पांच किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर अनसूया मंदिर पहुंचा जा सकता है। यहां से लगभग एक किलाेमीटर दूरी पर अत्रि मुनि आश्रम है जो माता अनसूया के पति थे। अत्रि मुनि की यहां चट्टानों में गुफा स्थित है। अनसूया मंदिर परिसर में रात्रि में ठहरने के लिए धर्मशाला व मंदिर समिति की ओर से कमरों की व्यवस्था की जाती है। मेले के दौरान विभिन्न संगठनों द्वारा यहां भंडारे भी आयोजित किए जाते हैं।
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रोमांचित करने वाली रहती है अमृत गंगा की परिक्रमा
अनसूया मेले में पहुंचने वाले मेलार्थी अत्रि मुनि आश्रम के पास अमृत गंगा की परिक्रमा करना नहीं भूलते हैं। यह परिक्रमा बेहद कठिन और राेमांचित करने वाली मानी जाती है। चट्टान के शीर्ष भाग से अमृत गंगा की धारा जमीन पर गिरती है। श्रद्धालु चट्टान के एक छोर से एक विशालकाय पत्थर के नीचे पेट के बल लेटकर दूसरे छोर पर पहुंचते हैं। यहां अमृत गंगा की बहती धारा की परिक्रमा होती है।