आम जनता पर ये हो सकती है कार्रवाई
जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 8, 11 और 15 के तहत जनगणना के दौरान आम नागरिकों के लिए भी कुछ नियम अनिवार्य हैं, जिनका उल्लंघन अपराध माना जाएगा। यदि कोई व्यक्ति जनगणना अधिकारी की ओर से पूछे गए अनिवार्य प्रश्नों का जानबूझकर गलत उत्तर देता है या उत्तर देने से इनकार करता है तो उस पर 1,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। जनगणना के उद्देश्य से किसी घर या स्थान में अधिकारी के प्रवेश को रोकना या जनगणना के लिए लगाए गए नंबरों और चिह्नों को मिटाना या बदलना दंडनीय अपराध है। यदि किसी घर के अधिभोगी या संस्थान के प्रबंधक को जनगणना फॉर्म भरने को कहा जाए और वह बिना वैध कारण के इसमें विफल रहता है या गलत जानकारी भरता है, तो उसे जुर्माना भरना होगा। जनगणना कार्यालय में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने पर भी जुर्माने का प्रावधान है।
जनगणना अधिनियम 1948 के तहत अधिकारी-कर्मचारियों व आमजन के लिए नियम निर्धारित किए गए हैं। इसमें सजा, जुर्माने का प्रावधान है। मकसद ये है कि इस अभियान में सभी पूरी ईमानदारी से अपना सहयोग करें।
- इवा आशीष श्रीवास्तव, निदेशक, जनगणना