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बुलंद इमारत की चाह, मजबूत आधार की तलाश: सतपाल महाराज

Fri, 23 Jun 2017 11:27 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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सतपाल महाराज - फोटो : AmarUjala
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अध्यात्म की दुनिया से सियासत में कदम रखने वाले सतपाल महाराज केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। अब उत्तराखंड सरकार में पर्यटन, संस्कृति, तीर्थाटन, सिंचाई जैसे महकमे संभाल रहे हैं। अपनी पृष्ठभूमि के लिहाज से पर्यटन, संस्कृति और तीर्थाटन जैसे महकमों में महाराज ज्यादा सहज नजर आ रहे हैं। देश-दुनिया के अनुभव समेटे महाराज का विजन एकदम साफ है।
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वह उत्तराखंड में तमाम ऐसी योजनाओं को उतार देना चाहते हैं, जो कि एक आदमी के लिए सपने सरीखी है। इन स्थितियों के बीच, यदि राज्य में कामकाज का माहौल देखें, तो वास्तव में दिखने-सुनने में बेहद अच्छी लगने वाली योजनाओं के जमीन पर उतरने की राह बहुत कठिन है। महाराज इन सौ दिनों में इन योजनाओं की बात करते हुए इनके लिए आधार तलाशते ही नजर आए। हालांकि उनका कहना है कि वह रास्ता बनाएंगे। जल्द ही परिवर्तन दिखाई देगा। ‘अमर उजाला’ के प्रमुख संवाददाता विपिन बनियाल ने महाराज के महकमों के 100 दिन, विजन डाक्यूमेंट, आम आदमी के नजरिये को लेकर पड़ताल करने की कोशिश की।

विजन डाक्यूमेंट
-नई पर्यटन नीति बनाकर पर्यटन विकास के लिए तात्कालिक और दीर्घकालिक कदम उठाए जाएंगे।
-वीर चंद्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना का दायरा बढ़ाया जाएगा।
-नए पर्यटन क्षेत्रों और स्थलों का चिन्हिकरण कर आधारभूत ढांचे का निर्माण किया जाएगा।
-पर्यटन सर्किट के साथ-साथ प्राकृतिक उपजों व स्थानीय कौशल पर आधारित हस्त शिल्प की ओर पर्यटकों को आकर्षित किया जाएगा।
-नदियों, झीलों व बांधों में जल क्रीड़ा व नौकायन प्रारंभ कर पर्यटकों को आकर्षित किया जाएगा।
-पर्वतीय क्षेत्रों में वीरान पडे़ घरों को पर्यटक सुविधाओं से सुसज्जित कराने के लिए होम-स्टे जैसी योजनाओं को प्रभावशाली बनाया जाएगा।
-ईको टूरिज्म, कार्बेट सर्किट, कुमाऊं हेरिटेज, जनजातीय संस्कृति पर आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने का प्रयास किए जाएंगे।
-मेडिकल टूरिज्म को विकसित करने के लिए हेल्थ रिजार्ट्स और योग व आयुर्वेद आधारित केंद्रों की स्थापना की जाएगी।
-पर्यटन गाइड हेतु प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की जाएगी।
-तीर्थस्थलों के विकास के के साथ-साथ तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा व सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
-प्राचीन मंदिरों और देवालयों के रख-रखाव व जीर्णोद्घार के लिए ठोस पहल की जाएगी।
-मध्य हिमालयी क्षेत्र में चिह्नित स्थानों पर योग अभ्यास केंद्रों की स्थापना की जाएगी।
-उत्तराखंड की लोक संस्कृति, गायन शैली, नृत्य, वाद्य यंत्रों के संरक्षण-संवर्धन के साथ-साथ लोक कलाकारों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
-सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए आधुनिक तकनीकों का प्रयोग किया जाएगा।

उपलब्धियों के दावे
-चार धाम यात्रा का सफल संचालन, केदारनाथ त्रासदी के बाद यात्रियों की संख्या के लिहाज से इस बार की यात्रा नए रिकार्ड की तरफ बढ़ रही है। 22 लाख से ज्यादा यात्रियों के पहुंचने की उम्मीद की जा रही है।
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-पर्यटन विकास के संबंध में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए प्रयास तेज किए गए हैं। कई निवेशकों ने राज्य सरकार से बात कर के अपने प्रोजेक्ट उत्तराखंड में शुरू करने की इच्छा जाहिर की है।
-शाक्य, वैष्णव के अलावा महाभारत टूरिस्ट सर्किट विकसित करने के लिए सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। सभी विधायकों से सरकार ने इस संबंध में सुझाव आमंत्रित किए हैं।
-छोटे मंदिरों के प्रमोशन के लिए सरकार ने अभियान शुरू किया है। लाटू देवता, लक्ष्मण मंदिर जैसे अपेक्षाकृत छोटे मंदिरों के कपाट खुलने के मौके पर भव्य आयोजन किए गए हैं।
-राज्य सरकार के प्रयासों के कारण उत्तर प्रदेश से 37 सिंचाई की नहरें उत्तराखंड को मिली है।
-जमरानी बांध के निर्माण के सिलसिले में यूपी के साथ उत्तराखंड की बातचीत का सिलसिला तेज हुआ है।

जनता जनार्दन
पर्यटन के क्षेत्र में उत्तराखंड में अपार संभावनाएं हैं। पर्यटन मंत्री देश-दुनिया में खूब घूमे हैं। उनके पास पर्याप्त अनुभव है। उन्होंने कई प्लान भी बनाए हैं, मगर उन पर कार्रवाई हो पाएगी या नहीं, ये अभी विश्वासपूर्वक नहीं कहा जा सकता। सरकारी सिस्टम में भी सुधार हो, तो पर्यटन विकास संभव है।
- सुदेश ईस्टवाल, कारगी क्षेत्र

सिंचाई नहरों को जगह-जगह बंद कर दिया गया है। देहरादून की बात करें, तो सिंचाई नहरों को पाटकर यातायात की स्थिति तो कई जगह सुधर गई है, लेकिन सिंचाई की व्यवस्था गड़बड़ा गई है। सिंचाई सुविधा को बढ़ाने की बात हर कोई कहता है, लेकिन लगातार इसकी स्थिति खराब हो रही है। 
- कपिल नैथानी, सहस्त्रधारा रोड

मैं पहले से ये बात कहता आया हूं कि हमारे प्रदेश में कई लोकेशन ऐसी हैं, जिसमें हम विदेशों की तरह पर्यटन विकास की योजनाओं को शुरू कर सकते हैं। स्काई वॉक जैसी योजनाओं के लिए बहुत गुंजाइश है। हम इस पर काम शुरू कर रहे हैं। मगर पर्यटन विकास का काम ऐसा है कि जिसके लिए पर्याप्त समय चाहिए। 100 दिन में हम एक दिशा तय कर सकते हैं कि हम किस तरफ चलेंगे। हमने काफी कुछ प्लान किया है। विश्वास रखिए, पर्यटन विकास की तस्वीर बदली हुई दिखेगी
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- सतपाल महाराज, पर्यटन, संस्कृति, तीर्थाटन व सिंचाई मंत्री
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