उत्तराखंड के शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा है कि राज्य में कई बड़े शहरों में मास्टर प्लान पर काम किया जा रहा है। इसमें जोनल प्लान की स्थिति तक काम हो चुका है। जल्द ही उत्तराखंड में सुनियोजित विकास का खाका तैयार कर लिया जाएगा। कौशिक महाकुंभ के आयोजन की तैयारियों के लिए पैट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग के लिए तहसील पहुंचे थे। इधर, उन्होंने पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में कहा कि राज्य में अब डिप्टी मेयर पद के लिए चुनाव नहीं होंगे।
वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए कौशिक ने कहा कि काशीपुर में निर्माणाधीन आरओबी का काम शीघ्रता से पूरा कराने के लिए खुद सीएम इसकी निगरानी कर रहे हैं। नगर निगमों में डिप्टी मेयर के पदों पर चुनाव के बारे में कौशिक ने कहा कि उत्तराखंड का नगरनिगम एक्ट उत्तर प्रदेश के नगरनिगम एक्ट से आच्छादित है। यूपी में ऐसी स्थिति बनी कि वहां डिप्टी मेयर के पद को एक्ट से अलग करना पड़ा। उत्तराखंड में भी डिप्टी मेयर का पद खत्म करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि काशीपुर के बीचोंबीच से गुजर रही लक्ष्मीपुर माइनर के कवर करने के लिए आईआईटी रुड़की को प्रोजेक्ट भेजा गया है। यह सीएम की प्रमुख घोषणाओं में शामिल है। उन्होंने दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया की चुनौतियों के सवाल पर कोई जवाब नही दिया। कहा कि विकास प्राधिकरण पर सीएम की घोषणाओं के अनुसार ही काम होगा। वहां राम मेहरोत्रा, खिलेंद्र चौधरी, गुरविंदर चंडोक आदि थे।
पार्षदों ने मानदेय की मांग उठाई
नगर निगम के पार्षदों ने मानदेय की मांग को लेकर शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों की भांति पार्षदों को प्रतिमाह मानदेय दिए जाने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में विजय कुमार बॉबी, जगत बिष्ट, गंधार अग्रवाल आदि थे। (संवाद)
मैदानी क्षेत्रों से समाप्त हों प्राधिकरण
मैदानों में विकास प्राधिकरण समाप्त किए जाने और दो प्रतिशत दाखिल-खारिज शुल्क समाप्त किए जाने की मांग पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंत्री मदन कौशिक को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने अमृत योजना के तहत निर्माणाधीन सड़कों की गुणवत्ता की जांच कराए जाने की भी मांग उठाई। वहीं, काशीपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष इंदर सिंह और सचिव संदीप सहगल के नेतृत्व में भरतपुर न्याय पंचायत के 19 गांवों के बैनामे काशीपुर सब रजिस्ट्रार कार्यालय में कराए जाने की मांग की। वहां गौरव रस्तोगी, अनिल चौहान, बदर आलम आदि थे।