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उत्तराखंडः स्टोन क्रेशर नीति पर लगी मुहर, जैविक प्रदेश बनाने के कानून को मंजूरी, जानें अन्य फैसले...

Wed, 13 Nov 2019 10:01 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में आज मंत्रिमंडल की बैठक हुई। मंत्रियों और अफसरों की ट्रेनिंग के बावजूद प्रदेश की पहली ई मंत्रिमंडल की बैठक इस बार नहीं हो पाई। बैठक में स्टोन क्रेशर नीति के प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। वहीं, भूमि के सर्किल रेट, आवास विभाग के प्रस्तावों के अलावा कुछ विभागीय नियमावलियों के प्रस्ताव पर चर्चा हुई।

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वहीं, उत्तराखंड को जैविक कृषि प्रदेश बनाने के लिए प्रदेश मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड जैविक कृषि विधेयक 2019 को मंजूरी दे दी है। आगामी विधानसभा सत्र में विधेयक सदन के पटल पर रखा जाएगा। विधेयक लागू होने के बाद प्रदेश के 10 ब्लॉकों को जैविक खेती के लिए अधिसूचित किया जाएगा।

इन ब्लॉकों में रासायनिक और सिंथेटिक उर्वरक, कीटनाशक, खरपतवार नाशक, रासायनिक पशुचारा की बिक्री निषेध की जाएगी। अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर एक वर्ष का कारावास और एक लाख रुपये के जुर्माने का भी प्रावधान है। पायलट स्तर पर प्रयोग के बाद चरणबद्ध तरीके से इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में प्रस्तुत 30 प्रस्तावों में से 28 को मंजूरी मिली है। कैबिनेट मंत्री और शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने बताया कि कैबिनेट ने जैविक कृषि विधेयक को मंजूरी दी है। इसके तहत अधिसूचित होने वाले जैविक कृषि क्षेत्रों में फार्म डिजाइन और प्रबंधन की एक ऐसी प्रणाली विकसित होगी, जो रसायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों आदि के कृत्रिम बाहरी इनपुट्स का प्रयोग किए बिना ही पोषण उत्पादकता हासिल करेगी।

पहले चरण में चिह्नित ब्लॉकों में रसायनिक खाद्य और अन्य कृषि में इस्तेमाल होने वाले रसायन भी प्रतिबंधित रहेंगे। जैविक प्रमाणीकरण के लिए किसानों को हर तरह की सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। किसानों को प्रमाणीकरण, बीज, प्रशिक्षण, विपणन से लेकर हर तरह की मदद मिलेगी।

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बैठक के अन्य फैसले:

- आयुष चिकित्सकों को 4 जनवरी 2017 से मिलेगा एनपीए।
- उच्च शिक्षा सेवा नियमावली में संशोधन, कुलसचिव, उपकुलसचिव, सहायक कुलसचिव की नियुक्ति के लिए केंद्रीयत सेवा नियमावली मंजूर।
- उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश अधिनियम में संशोधन, औद्योगिक भांग के अलावा अन्य कृषि, बागवानी, पौधरोपण, पशुपालन, मत्स्य पालन में 30 वर्षों के लिए लीज पर दी जा सकती है भूमि।
- शिक्षा आचार्यों को अनुदेशक में समायोजन किया जाएगा।
- उपनल कार्मिकों के यात्रा भत्ता में जीएसटी लागू होने से सर्विस चार्ज नहीं लिया जाएगा।
- वैट और केंद्रीय ब्रिकी कर सेस जमा करने के लिए अलग खाता बना।
- 150 करोड़ रुपये से सुरक्षित होंगे भूकंप के प्रति संवेदनशील भवन।
- स्टॉर्ट अप नीति में पंजीकरण अनिवार्य, राज्य के नियमों का पालन करना होगा।
- उत्तराखंड कृषि उत्पादन मंडी अधिनियम 2019 में संशोधन, रिवाल्विंग फंड में 10 प्रतिशत अंशदान जमा करेंगी मंडियां।
- राज्य मिस्त्री का मानदेय 350 से 500 रुपये किया गया।
- होम स्टे योजना को बनाया स्टांप फीस मुक्त।
- विश्व बैंक सहायता ऋण प्रबंधन के लिए साफ्टवेयर को मंजूरी।
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