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कैबिनेट का ये फैसला उत्तराखंड के किसानों के लिए लाया खुशखबरी, सरकार ने दी बड़ी राहत

Sun, 30 Jun 2019 03:51 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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फाइल फोटो
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त्रिवेंद्र सरकार ने पारंपरिक फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य और मार्केटिंग के लिए 10 करोड़ का रिवाल्विंग फंड को मंजूरी देकर प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत दी है। इससे किसानों को फसलों का उचित दाम मिलेगा। वहीं, मार्केटिंग के लिए बिचौलियों से छुटकारा मिलेगा। उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड सीधे किसानों से फसलें खरीदेगा और प्रोसेसिंग कर आगे बेचेगा। पौड़ी में हुई कैबिनेट की बैठक में इस पर मुहर लगा दी है। 

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प्रदेश के करीब 10 लाख किसानों को प्रदेश सरकार ने बड़ी राहत दी है। त्रिवेंद्र सरकार ने किसानों की दोगुनी आय करने के संकल्प को पूरा करने के लिए पहली बार पारपंरिक फसलों का न्यूनतम समर्थन तय किया है। वहीं, किसानों से सीधे फसल खरीदने के लिए उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड के माध्यम से 10 करोड़ का रिवाल्विंग फंड बनाया जाएगा। इसके लिए मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। सरकार ने पहले चरण में मंडुवा, झंगोरा, चौलाई, गहत, काला भट्ट, राजमा का एमएसपी तय किया है। अभी तक इन फसलों का एमएसपी तय न होने से किसानों को उचित दाम नहीं मिलते हैं। अब सरकार की पहल से किसानों को उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा। साथ ही मार्केटिंग के लिए बिचौलियों की भूमिका से छुटकारा मिलेगा। 

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इन फसलों का एमएसपी तय

पर्वतीय क्षेत्रों में उत्पादन लागत का आकलन करने के बाद प्रस्तावित न्यूनतम समर्थन मूल्य को सरकार ने मंजूरी दे दी है। जिसमें झंगोरा 1950 रुपये प्रति क्विंटल, चौलाई 2935 रुपये, काला भट्ट 3468 रुपये, गहत 7725 रुपये और राजमा 7920 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया। 

मंडी परिषद खरीदेगी किसानों से उत्पाद
उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड अब किसानों से उत्पाद खरीदेगी। इसके लिए 10 करोड़ का रिवाल्विंग फंड(चक्रीय निधि) बनाया जाएगा।  मंडी समितियां किसानों से उत्पाद खरीदने करने के बाद प्रोसेसिंग कर आगे बेचेगी। उत्पाद खरीदने के लिए परिषद रिवाल्विंग फंड तैयार करेगी। 

किसानों की दोगुनी आय के संकल्प को पूरा करने के लिए सरकार ने यह फैसला लिया है। न्यूनतम समर्थन मूल्य तय होने से किसानों को अपनी फसल का सही मूल्य मिलेगा। साथ ही किसानों के सामने उत्पादन बेचने की समस्या नहीं रहेगी। आने वाले समय में सरकार के इस फैसले से कृषि क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा।
-सुबोध उनियाल, कृषि एवं उद्यान मंत्री
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