संवर्ग मेरिट के आधार पर बदला जा सकेगा। पद की उपलब्धता के हिसाब से आवंटित संवर्ग में पदोन्नति अनुमन्य होगी। चरित्र पंजिका (सीआर) में पांच सालाें में मिले लघु और दीर्घ दंड का उल्लेख करने की भी व्यवस्था की गई है। चरित्र पंजिका में छुद्र दंड (अनुशासहीनता में मौके पर दिए गए दंड) का उल्लेख नहीं होगा।
आरक्षी, मुख्य आरक्षी और उप निरीक्षक सेवा नियमावली पर तो शासन की मोहर लग गई है। इसी कड़ी में उप निरीक्षकाें को निरीक्षक पद पर पदोन्नति दिए जाने की प्रक्रिया शुरू भी हो गई है। अब सिर्फ पीएसी की सेवा नियमावली रह गई है। पीएसी में भी करीब 500 जवानाें को पदोन्नति दी जानी है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि जनवरी माह के अंत तक पीएसी की सेवा नियमावली को भी मंजूरी मिलने की उम्मीद है।