केंद्र सरकार की तर्ज पर प्रदेश सरकार ने भी अंशदायी पेंशन योजना में अपनी ओर से दिए जाने वाले योगदान को बढ़ाकर 14 फीसदी कर दिया है। प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में वित्त विभाग के इस प्रस्ताव पर मुहर लगी। सरकार के इस फैसले से एक अक्टूबर 2005 के बाद से नियुक्त करीब 70 हजार कर्मचारियों को फायदा होगा। अंशदान बढ़ाए जाने ये सरकारी खजाने पर 150 करोड़ रुपये सालाना खर्च बढ़ेगा।
अंशदायी पेंशन योजना में हर महीने कर्मचारी का न्यूनतम योगदान उसके मूल वेतन का 10 प्रतिशत होता है। प्रदेश सरकार भी अपनी ओर से योजना में 10 फीसदी का अंशदान देती है। वर्ष 2018 में केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के तहत सरकार के योगदान की राशि को 10 फीसदी से बढ़ाकर 14 फीसदी कर दिया था। उसी तर्ज पर प्रदेश सरकार ने भी इसे बढ़ाने का निर्णय लिया।
लोकसभा चुनाव की आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के चलते प्रदेश सरकार ने इस प्रस्ताव को लंबित रखा था। मंगलवार को वित्त विभाग के इस प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद ने चर्चा की और अपनी सहमति दी। शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने बताया कि राज्य सरकार ने भी अपना मासिक अंशदान एक अप्रैल 2019 से वेतन और महंगाई भत्ते का 14 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है।