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Uttarakhand Cabinet: आदतन अपराधियों पर कसेगा गैंगस्टर का शिकंजा, बजट प्रस्ताव को भी मंजूरी, पढ़ें अन्य फैसले

Wed, 21 Feb 2024 04:28 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

Uttarakhand Cabinet Meeting Today: प्रदेश सरकार ने बजट सत्र 26 फरवरी से एक मार्च तक तय किया है। प्रदेश सरकार की ओर से आम बजट सदन में कब पेश किया जाएगा। इसका निर्णय कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में लिया जाएगा।
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सीएम पुष्कर सिंह धामी
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विस्तार
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प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल, साहूकारी, बाल श्रम, मानव तस्करी, बंधुआ मजदूरी व आईटी अपराध गैंगस्टर एक्ट के दायरे में होंगे। आदतन अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए प्रदेश मंत्रिमंडल ने कई स्पेशल एक्ट को गैंगस्टर एक्ट की परिधि में लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। ऐसे मामलों में बार-बार पकड़े जाने पर अभियुक्त गैंगस्टर एक्ट में निरुद्ध किया जा सकेगा।

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उधर, वर्षों से लंबित सौंग बांध और जमरानी बांध के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। कैबिनेट ने दोनों परियोजनाओं की निविदा को मंजूरी दे दी है। जमरानी बांध परियोजना की लागत 3808.16 करोड़ है। सौंग बांध प्रोजेक्ट पर 2491.96 करोड़ खर्च होंगे। दोनों प्रोजेक्टों के टेंडर 2023 की दरों पर होंगे। दोनों परियोजनाएं बनने से पेयजल आपूर्ति के लिए दोनों क्षेत्रों में बोरिंग और ट्यूबवैल पर रोक लग जाएगी। इसके लिए अलग से नियमावली बनेगी। सरकार भूगर्भ जल के लगातार व्यावसायिक इस्तेमाल की कीमत वसूलेगी।

राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में करीब 19 प्रस्तावों पर चर्चा हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि घरेलू और कृषि कार्य को छोड़कर व्यावसायिक तौर पर जो जितने भूगर्भ जल का इस्तेमाल करेगा, उसी हिसाब से उसका मूल्य वसूला जाएगा। इसका अलग से नियम बनेगा, जिसका प्रस्ताव आगामी कैबिनेट की बैठक में लाया जाएगा। कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट और राज्यपाल के अभिभाषण को मंजूरी दी।

Uttarakhand Budget 2024: देहरादून में 26 से एक मार्च तक चलेगा बजट सत्र, पहले दिन होगा राज्यपाल का अभिभाषण

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धामी सरकार करीब 90 हजार करोड़ का बजट कर सकती है पेश
देहरादून। प्रदेश की धामी सरकार विधानसभा में आगामी वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए करीब 90 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश कर सकती है। इस प्रस्ताव पर चर्चा के बाद प्रदेश मंत्रिमंडल ने इसे मंजूरी दे दी। कैबिनेट में विधानसभा सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। 26 फरवरी से विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो रहा है।

एलटी शिक्षकों के हो सकेंगे अंतरमंडलीय तबादले
कैबिनेट ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के एलटी शिक्षकों को राहत देते हुए उनकी अंतरमंडलीय तबादलों को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के लागू होने के बाद एलटी शिक्षकों को अपने पूरे सेवाकाल में एक बार गढ़वाल-कुमाऊं मंडलों के बीच तबादला कराने का मौका मिल सकेगा।

बिल्डर गरीबों के आवास के लिए प्राधिकरणों को देगा फंड
प्रदेश मंत्रिमंडल ने 5000 वर्गमीटर से अधिक भूमि पर आवासीय कालोनी बनाने वाले विकासकर्ताओं (बिल्डरों) को छूट दी है कि वे अपने प्रोजेक्ट के 15 प्रतिशत आवास आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए बनाने के बजाय संबंधित आवास विकास प्राधिकरणों के शेल्टर फंड में उतनी राशि जमा कर सकते हैं। इस फंड से प्राधिकरण गरीबों के लिए आवास बनाएगा। कैबिनेट ने बॉयलॉज में यह संशोधन करने को मंजूरी दे दी है। अभी तक 5000 वर्ग मीटर से कम के विकासकर्ताओं को फंड जमा करने की छूट थी। अब सभी विकासकर्ताओं के लिए यह विकल्प होगा। इसके अलावा कैबिनेट ने ईडब्ल्यूएस आवास में 12 मीटर की ऊंचाई की शर्त को हटा दिया है। बिल्डर ऐसे भवनों में लिफ्ट लगा सकेंगे। 20 साल तक लिफ्ट की मरम्मत का कार्य बिल्डर को करना होगा।

स्कूलों को मिलेगी चलती-फिरती प्रयोगशाला
शिक्षा विभाग में छठवीं से 12वीं की छात्रों को चलती फिरती विज्ञान प्रयोगशाला (लैब ऑन व्हील्स) की सुविधा मिलेगी। कैबिनेट ने यूकॉस्ट के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। पहले चरण में पहाड़ और मैदान के दो-दो जिलों में इस योजना को शुरू किया जाएगा।

बदरी-केदारनाथ में अस्पताल संचालित होंगे
कैबिनेट ने बदरीनाथ और केदारनाथ में तैयार हो रहे अस्पतालों में उपकरण और साजो सामान की खरीद के लिए शार्ट टर्म टेंडर करने को मंजूरी दे दी है। सरकार चारधाम यात्रा से पहले इन अस्पतालों को संचालित करना चाहती है।

कैबिनेट के ये प्रमुख फैसले भी
- कला के शिक्षक के लिए अब बीएड की उपाधि जरूरी होगी।
- चयन के बाद ग्राम विकास अधिकारी को छह के बजाय दो माह की सवैतनिक ट्रेनिंग मिलेगी। पहले वेतन नहीं मिलता था।
- शिक्षकों के चार दिन के यात्रा अवकाश के प्रस्ताव पर चर्चा, न्याय और वित्त विभाग करेंगे परीक्षण।
- उद्योगों को रजिस्ट्री कराते समय स्टाम्प शुल्क का पूरा करना होगा भुगतान, एमएसएई नीति के तहत बाद में होगी प्रतिपूर्ति
- विश्वविद्यालय में कुलपति नहीं हैं तो सीनियर प्रोफेसर उपलब्ध न होने पर आसपास के विवि के सीनियर प्रोफेसर को दिया जा सकता है चार्ज
- रेरा एक्ट में संशोधन को मंजूरी। रेरा के वित्तीय वर्ष 2022 के प्रत्यावेदन को विस के पटल पर रखने को मंजूरी
- ऊर्जा विभाग के 2022 के लेखा प्रत्यावेदन को भी मंजूरी

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