सड़क हादसों के मामले में उत्तराखंड, देश के टॉप-10 राज्यों में शामिल है। इस साल भी चारधाम यात्रा शुरू होने से लेकर अब तक कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। सड़क हादसों के घायलों के लिए सरकार ने सहायता राशि में कोई बदलाव नहीं किया है।
सड़क हादसों में जान जाने पर अब दोगुना मुआवजा मिलेगा। कैबिनेट बैठक में इस पर मुहर लग गई है। वहीं, सड़क सुरक्षा कोष में जमा होने वाली रकम को भी 25 से बढ़ाकर 30 प्रतिशत कर दिया गया है। कैबिनेट बैठक में उत्तराखंड सड़क परिवहन दुर्घटना राहत निधि (तृतीय संशोधन) नियमावली 2022 लाई गई।
विज्ञापन
इस पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी। इसके तहत बस एवं टैक्सी दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिजनों को एक लाख के बजाय दो लाख रुपये राहत राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जून में सड़क सुरक्षा का मुआवजा बढ़ाने के निर्देश दिए थे।
गौरतलब है कि प्रदेश में हर साल बड़ी संख्या में लोग सड़क हादसों में जान गंवाते हैं। सड़क हादसों के मामले में उत्तराखंड, देश के टॉप-10 राज्यों में शामिल है। इस साल भी चारधाम यात्रा शुरू होने से लेकर अब तक कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। सड़क हादसों के घायलों के लिए सरकार ने सहायता राशि में कोई बदलाव नहीं किया है। दुर्घटना में गंभीर घायलों को जहां 40-40 हजार रुपये की राशि दी जाती है तो कम घायलों को 20-20 हजार रुपये की राशि दी जाती है। घायलों को अभी यही राशि दी जाएगी।
मजबूत होगा प्रदेश का सड़क सुरक्षा कोष
प्रदेश में सड़क सुरक्षा कोष और मजबूत होगा। बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में कोष में हर साल ली जाने वाली कंपाउंडिंग फीस की धनराशि को 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया है।