1. देवभूमि और सूरजमल विश्वविद्यालय बनाएगी सरकार
देवभूमि विश्वविद्यालय देहरादून और सूरजमल विश्वविद्यालय ऊधमसिंह नगर में स्थापित किया जाएगा। मंत्रिमंडल ने इन दोनों विश्वविद्यालयों से संबंधित विधेयकों के प्रस्तावों को सदन में रखे जाने को मंजूरी दे दी। इस समय प्रदेश में 12 राजकीय विश्वविद्यालय हैं, जिनमें से छह विश्वविद्यालयों का संचालन उच्च शिक्षा विभाग की ओर से किया जा रहा है।
2. केदारनाथ पुनर्निर्माण को तवज्जो, ट्रस्ट को किया मजबूत
केदारनाथ में पुनर्निर्माण का काम इस समय केदारनाथ उत्थान चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से किया जा रहा है। मंत्रिमंडल ने ट्रस्ट के लिए 11 अस्थायी पदों को मंजूरी दे दी। इसमें प्रशासनिक पदों के साथ ही तकनीकि विशेषज्ञ और डाटा एंट्री ऑपरेटर तक के पद शामिल हैं। सरकार को अगले दो साल में करीब 350 करोड़ रुपयेे के पुनर्निर्माण कार्य कराने हैं।
3. देवस्थानम बोर्ड में सदस्यों के नामांकन के लिए नियम मंजूर
चारधाम के करीब 51 मंदिरों और यात्रा के संचालन के लिए बने देवस्थानम बोर्ड में सदस्यों को नामित करने की नियमावली को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी। इस नियमावली में बोर्ड में नामांकित पुजारियों, वंशानुगत पुजारियों, सनातन धर्म से संबंधित नामांकित सदस्यों, दानदाता सदस्यों की अर्हता को परिभाषित किया गया है।
4. तीन ग्राम पंचायतों को नगर पंचायत बनाने की मंजूरी
मंत्रिमंडल ने पौड़ी जिले की ग्राम पंचायत थलीसैंण, ऊधमसिंह नगर की ग्राम पंचायत लालपुर और ग्राम पंचायत सिरौलीकला को नगर पंचायत बनाने की मंजूरी दे दी। प्रदेश में शहरीकरण का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में इन ग्राम पंचायतों में नगर पंचायत बनने पर शहर के समान नागरिक सुविधाएं विकसित करना आसान होगा।
इन मामलों को भी मिली स्वीकृति
1. स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय अधिनियम 2012 के संशोधन विधेयक को सदन में रखे जाने को मंत्रिमंडल ने अनुमति दे दी। विश्वविद्यालय की ओर से हिमालयन स्कूल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी आदि में स्कूल शब्द मे संशोधन का आग्रह किया गया था।
2. मंत्रिमंडल ने तय किया कि भाषा संस्थान का मुख्यालय गैरसैंण में बनाया जाएगा। उत्तराखंड भाषा संस्थान का गठन 2018 में किया गया था। मूल अधिनियम में मुख्यालय देहरादून में बनाना प्रस्तावित था। कैबिनेट ने भाषा संस्थान का मुख्यालय गैरसैंण में स्थापित करने को मंजूरी दी।
3. उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 संशोधन विधेयक 2021 और उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1959 संशोधन विधेयक को सदन में रखे जाने को मंजूरी दी गई।