ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में छोटे व्यवसाय करने वालों की आजीविका कोविड महामारी के कारण प्रभावित हुई है। अब सरकार ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में अति सूक्ष्म उद्यम व व्यवसाय को अनुदान देने का फैसला लिया है। बुधवार को मंत्रिमंडल ने इसकी मंजूरी दे दी है। छोटे व्यवसाय के लिए योजना में बैंक से अधिकतम 10 हजार रुपये का ऋण लेने पर सरकार पांच हजार रुपये अनुदान देगी। प्रदेश में 20 हजार लोगों को योजना से लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा है।
कोविड महामारी में आजीविका संचालित करने के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में छोटे व्यवसाय को शामिल किया है। इससे जहां प्रदेश में स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेेगा। वहीं, छोटे व्यवसाय के जरिये आजीविका चलाने वाले लोगों के हितों को ध्यान में रखा है। फल-सब्जी से लेकर अन्य कोई भी छोटे व्यवसाय शुरु करने के लिए बैंक से अधिकतम 10 हजार रुपये का ऋण मिलेगा। इस पर सरकार की ओर से 50 प्रतिशत या पांच हजार रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। इससे सरकार पर 10 करोड़ का अतिरिक्त व्यय भार पड़ेगा। जिसमें पांच करोड़ की राशि हंस फाउंडेशन की से दी जाएगी।
योजना में ये व्यवसाय शामिल
सूक्ष्म उद्योग के रूप में छोटे व्यवसाय सब्जी, फल विक्रेता, फास्ट फूड, चाय पकौड़ा, ब्यूटी पार्लर, इंब्रॉयड्री, सिलाई-बुनाई, बुक, बाइंडिंग, स्क्रीन प्रिंटिंग, चूड़ी, पेपर मैच क्राफ्ट, धूप अगरबत्ती निर्माण, झाड़ू निर्माण, रिंगाल, पेपर बैग, मोमबत्ती, देसी गाय पालन, मशरूम की खेती, साग सब्जी उगाने, मत्स्य पालन, मशीन रिपेयरिंग, फूल विक्रेता, कार वाशिंग, ब्लागिंग, ट्यूबर, बार्बर, पेन शॉप, डेयरी, बैकयार्ड पोल्ट्री, चिकन व मीट शॉप, बेकरी, कारपेंटर समेत अन्य व्यवसाय जिसकी लागत 10 हजार होगी। इसमें व्यवसाय के लिए बैंक से ऋण लेने पर सरकार की ओर से 50 प्रतिशत या अधिकतम पांच हजार रुपये की अनुदान दी जाएगी।