फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बड़ा फैसला: उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों को 10% आरक्षण

Sat, 31 Oct 2015 10:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
शनिवार को हुई कैबिनेट ने राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी सेवा में दस प्रतिशत आरक्षण को हरी झंडी दी। सरकार यह विधेयक गैरसैंण में दो नवंबर से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में लेकर आएगी। इस विधेयक पर राज्य आंदोलनकारियों की निगाह है और लंबे समय से इसकी मांग की जा रही है।
विज्ञापन


कैबिनेट ने स्मार्ट सिटी में ग्रीन सिटी के लिए चाय बगानों की 672 हेक्टेयर भूमि की खरीद पर भी मुहर लगाई और यह भी तय किया गया कि शहरी क्षेत्र के विकास के लिए भूमि बैंक बनाया जाएगा।

सचिवालय में दोपहर बाद हुई मंत्रिमंडल की बैठक ने आखिरकार राज्य आंदोलनकारियों के क्षैतिज आरक्षण के विधेयक को मंजूरी दे दी। यह विधेयक सरकार सत्र में रखेगी।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पूर्व में राज्य आंदोलनकारियों से संबंधित इस विधेयक को पूर्व में सदन के पटल पर रखने का इरादा जाहिर किया था। उस समय भी राज्य आंदोलनकारियों को मायूसी ही हाथ लगी। इसके बाद सरकार ने इस गैरसैंण सत्र में इस विधेयक को लाने का आश्वासन दिया था।

दून में ग्रीन सिटी के लिए जमीन खरीद को मंजूरी

कैबिनेट ने स्मार्ट सिटी के दून में ग्रीन सिटी के विकास के लिए देहरादून चाय बगान कंपनी और ईस्ट होप टाउन कंपनी की कुल 672.004 हेक्टेयर भूमि को नगर विकास प्राधिकरण के लिए खरीदने के फैसले को मंजूरी दे दी। इसके लिए एक समिति का गठन करने को फैसला किया गया।

गढ़वाल मंडल आयुक्त को इस समिति का अध्यक्ष और मुख्य प्रशासक नगर विकास को इस समिति में सदस्य सचिव बनाया गया है। जिलाधिकारी देहरादून को इस समिति में बतौर सदस्य शामिल किया गया है। मंत्रिमंडल के मुताबिक स्मार्ट सिटी के तहत केंद्र की ओर से जारी गाइडलाइन में हरित क्षेत्र विकसित करने की अनिवार्यता है।

कैबिनेट ने आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण केलिए 39 पदों के सृजन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। प्राविधिक शिक्षा परिषद समूह ग वर्गीय सेवा नियमावली को भी मंजूरी दे दी गई। इसके तहत कार्यालय अधीक्षक, आशुलिपिक, कम्प्यूटर प्रोग्रामर, परिषद संप्रेक्षक आदि पदों के लिए सेवा शर्त निर्धारित की गई।
विज्ञापन

संस्कृत भाषा पर भी गया ध्यान

कैबिनेट ने उत्तराखंड नगर योजना एवं विकास अधिनियम 1973 के संसोधित अधिनियम 2013 के तहत 2015 में जारी की गई सेवा नियमावली में संशोधन को भी मंजूरी दी। इसके तहत शहरी क्षेत्रों के लिए भूमि बैंक बनाने को मंजूरी दे दी गई।

संस्कृत प्रचार-प्रसार पर भी मंत्रिमंडल का ध्यान गया। हरिद्वार और ऋषिकेश में सभी सरकारी कार्यालयों में हिंदी के साथ ही संस्कृत में नेम प्लेट लगाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। यह भी तय किया गया कि चार धाम यात्रा मार्ग में विज्ञान और प्रचार का काम संस्कृत भाषा में भी किया जाएगा। संस्कृत प्रदेश की द्वितीय राजभाषा है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें