प्रदेश की पहली लॉजिस्टिक नीति लागू होने से निर्यातकों को बुनियादी सुविधाएं मिलेगी। नीति में आंतरिक परिवहन प्रणाली, बिजली लाइन, संचार सुविधा, पानी, सीवरेज, फायर, पार्किंग, वेइंग ब्रिज, चिकित्सा केंद्र जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए 20 प्रतिशत और ग्रीन लॉजिस्टिक के लिए 20 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाएगी।
निर्यात को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने लॉजिस्टिक नीति को मंजूरी दे दी है। नीति में निर्यात के लिए बुनियादी सुविधाएं बढ़ाकर माल परिवहन लागत को कम किया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश में लॉजिस्टिक पार्क, इनलैंड कंटेनर डिपो (आईसीडी), वेयर हाउस, ट्रक टर्मिनल, कोल्ड स्टोरेज बनाने के लिए सरकार की ओर से सब्सिडी दी जाएगी।
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प्रदेश की पहली लॉजिस्टिक नीति लागू होने से निर्यातकों को बुनियादी सुविधाएं मिलेगी। इससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। नीति में सरकार ने लॉजिस्टिक पार्क व आईसीडी बनाने के लिए 50 करोड़ तक परियोजना पर आठ करोड़ की सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा 50 से 150 करोड़ तक की परियोजना पर 24 करोड़ और 150 करोड़ से अधिक की परियोजना पर 32 करोड़ की सब्सिडी मिलेगी।
पर्वतीय क्षेत्रों में वेयर हाउस पर 2.5 करोड़ और मैदानी क्षेत्रों में पांच करोड़ के निवेश पर 20 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाएगी। माल वाहक वाहनों की पार्किंग के लिए ट्रक टर्मिनल बनाने के लिए 20 प्रतिशत और पांच हजार वर्ग फीट क्षेत्रफल में कोल्ड स्टोरेज बनाने के लिए 15 प्रतिशत की सब्सिडी का प्रावधान किया गया।
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इसके अलावा माल परिवहन के लिए यदि कोई व्यक्ति कम से कम तीन ट्रक खरीदता है तो अधिकतम 10 लाख रुपये का अनुदान मिलेगा। नीति में आंतरिक परिवहन प्रणाली, बिजली लाइन, संचार सुविधा, पानी, सीवरेज, फायर, पार्किंग, वेइंग ब्रिज, चिकित्सा केंद्र जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए 20 प्रतिशत और ग्रीन लॉजिस्टिक के लिए 20 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाएगी।