उत्तराखंड में वणिज्यकर विभाग का नाम बदल दिया गया है। साथ ही प्रदेश में मिड डे मील को लेकर राज्य सरकार ने एक अहम निर्णय लिया है। सरकार के इस फैसले से स्कूलों में इस व्यवस्था में सुधार हो सकेगी। आगे जानिए कैबिनेट के अहम फैसले...
उत्तर प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक के बाद अब उत्तराखंड में भी अक्षयपात्र संस्था को मिड-डे मील वितरण का काम देने की तैयारी है। बुधवार को इस संबंध में आए एक प्रस्ताव पर कैबिनेट ने सैद्धांतिक सहमति दे दी। शुरुआत में संस्था देहरादून, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार में चयनित स्कूलों में भोजन का वितरण करेगी।
इसके अलावा बैठक में प्रदेश के मंत्रियों से मिलने के लिए दिन भी तय किए गए हैं। सभी मंत्री प्रत्येक बुधवार और बृहस्पतिवार को विधानसभा में बैठेंगे और इस दौरान वे आम जनता से जरूर मिलेंगे।
बुधवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में दिन में 11 बजे कैबिनेट की बैठक शुरू हुई। इस दौरान दस से ज्यादा प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें से आठ अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए परिवहन विभाग के अधीन सड़क सुरक्षा कोष बनाने पर सहमति बनी।
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मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनाए गए इस कोष में पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा वसूले जाने वाले जुर्माने की कुल राशि का 25-25 फीसदी हिस्सा दिया जाएगा। असम राइफल पूर्व सैनिक कल्याण समिति को रायपुर में .154 हेक्टेयर भूमि आवंटित किए जाने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूर किया है। यह भी तय हुआ है कि नजराने के तौर पर जमा कराई जाने वाली राशि भी संस्था से नहीं ली जाएगी।
इसके अलावा सराय एक्ट में पंजीकृत मौजूदा होटल कारोबारियों को उत्तराखंड पर्यटन विकास निगम (यूटीडीबी) के नियमों के तहत पंजीकृत किया जाएगा। इसके लिए होटल संचालकों को नए सिरे से किसी प्रकार की औपचारिकता नहीं करनी होगी, यह कार्य विभाग अपने स्तर से करेगा।
वहीं नए होटलों की स्थापना करने की दशा में सीधे निगम में रजिस्ट्रेशन कराना होगा। वाणिज्य कर विभाग का नाम बदलकर राज्य कर किए जाने पर सहमति जताते हुए मनोरंजन कर विभाग को इसमें समायोजित करने संबंधी प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूर किया है।
ऋषिकेश से कौड़ियाला तक सड़क के दोनों ओर एक किलोमीटर का क्षेत्र हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण में सम्मिलित किया जाएगा। राफ्टिंग, कैंपिंग आदि को लेकर एनजीटी के सख्त रुख को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
ये अहम प्रस्ताव हुए पास
- प्रत्येक बुधवार और बृहस्पतिवार को राज्य के सभी मंत्री विधानसभा में नियमित रूप से बैठेंगे और आम जनता से मुलाकात करेंगे।
- दुर्घटनाओं को रोकने के मकसद से सड़क सुरक्षा कोष बनेगा, जिसमें जुर्माने की राशि का एक चौथाई पैसा जमा किया जाएगा।
- असम रायफल पूर्व सैनिक कल्याण समिति को रायपुर में नजराना राशि लिए बगैर .154 हेक्टेयर भूमि आवंटित करने का फैसला हुआ।
- सराय एक्ट में पंजीकृत राज्य के मौजूदा होटलों को उत्तराखंड पर्यटन विकास निगम (यूटीडीबी) में पंजीकृत किया जाएगा।
- वाणिज्य कर विभाग का नाम बदलकर राज्य कर विभाग किया गया। मनोरंजन कर विभाग राज्य कर विभाग में समायोजित होगा।
- ऋषिकेश से कौड़ियाला तक सड़क के दोनों ओर एक किलोमीटर का क्षेत्र हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण में सम्मिलित होगा।