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यूपी की तर्ज पर उत्तराखंड में भी सस्ता हुआ डीजल, जानिए कैबिनेट के अहम फैसले

Wed, 06 Sep 2017 09:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
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उत्तराखंड राज्य में भी अब यूपी की तर्ज पर डीजल सस्ता हो गया है। अब डीजल प्रति लीटर 52 पैसे सस्ता मिलेगा। वर्तमान में डीजल पर निर्धारित टैक्स दर को उत्तर प्रदेश के समान करने के लिए कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
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इससे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में डीजल की कीमत फर्क नहीं रहेगा। डीजल पर टैक्स दर को 21 प्रतिशत घटा कर 17.48 करने से भी प्रदेश में डीजल की खपत में बढ़ोतरी नहीं हुई तो सरकार को सालाना 5 से 8 करोड़ तक राजस्व नुकसान होने का अनुमान है।   

उत्तराखंड में वैट अधिक होने से उत्तर प्रदेश की तुलना में पेट्रोल व डीजल महंगा है। इससे बाहर से आने वाले ट्रांसपोर्टर उत्तराखंड के बजाय उत्तर प्रदेश में ही डीजल व पेट्रोल भरवाते थे। पेट्रोल व डीजल की बिक्री घटने से राजस्व पर भी असर पड़ रहा था।
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उत्तर प्रदेश के समान ही डीजल पर टैक्स दर 17.48 प्रतिशत या 9.41 रुपये प्रति लीटर जो भी अधिक हो, करने का प्रस्ताव कैबिनेट में पास हो गया। प्रदेश में पेट्रोल पर निर्धारित टैक्स दर में कोई परिवर्तन नहीं होगा। प्रदेश को अप्रैल 2017 से अब तक डीजल की बिक्री से सरकार को 490 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। 

राज्य कैबिनेट की अहम बैठक बुधवार को सचिवालय में संपन्न हुई। बैठक में रिकार्ड 55 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें 50 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें 35 प्रस्ताव अकेले स्थानीय निकायों के विस्तार से जुड़े थे। निकाय चुनावों के ठीक पहले हुए इस विस्तार को राजनीतिक दृष्टिकोण से भी अहम माना जा रहा है। 

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में पूर्वाह्न 11 बजे कैबिनेट की बैठक शुरू हुई। बैठक में कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी है। स्थानीय निकायों के विस्तार से जुड़े अहम प्रस्ताव पर भी कैबिनेट की मुहर लग गई है। इसमें 35 निकायों के सीमा विस्तार को मंजूरी दी गई है, जिसमें तीन नगर निगम, 22 नगर पालिका और 10 नगर पंचायतें शामिल हैं। 

5 निकायों के सीमा विस्तार को मंजूरी

इसके अतिरिक्त उत्तराखंड आवास नीति-2017 को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। वहीं डीजल पर उत्तर प्रदेश के समान वैट की दर आरोपित करने पर भी सहमति बन गई है। इससे डीजल लगभग 52 पैसे प्रति लीटर तक सस्ता होगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में पूर्वाह्न 11 बजे कैबिनेट की बैठक शुरू हुई। बैठक में कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी है। इसमें राज्य खाद्यान योजना के राशन की सब्सिडी का पैसा अब सीधे उपभोक्ता के खाते में जाएगा। इसका लाभ राज्य के लगभग दस 10 लाख परिवारों को मिलेगा। खनन में ई-नीलामी व्यवस्था लागू करने के साथ ही उत्तराखंड निशुल्क अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (संशोधन) को राज्य में लागू करने संबंधी प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने पास कर दिया है। 

उत्तराखंड आवास नीति-17 से जुड़े आवास विभाग के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है। इसके तहत ईडब्ल्यूएस भवनों के निर्माण को लेकर नियम सख्त किए हैं। आवास नीति में चार विभिन्न मॉडल बनाए हैं। स्थानीय निकायों के विस्तार से जुड़े अहम प्रस्ताव पर भी कैबिनेट की मुहर लग गई है। इसमें 35 निकायों के सीमा विस्तार को मंजूरी दी गई है, जिसमें तीन नगर निगम, 22 नगर पालिका और 10 नगर पंचायतें शामिल हैं। लघु, सीमांत और बीपीएल श्रेणी के किसानों को एक लाख तक के लोन संबंधी प्रस्ताव भी मंजूर हो गया है। 

मंत्रिमंडल द्वारा वेतन विसंगति समिति की संस्तुतियों को भी स्वीकार किया है। राज्य की सहकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की चीनी मिलों के अवशेष गन्ना मूल्यों का भुगतान किए जाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, इसमें 110 करोड़ रुपए राज्य सरकार अपने संसाधनों से देगी।

गन्ना विभाग में घाटे पर चल रही चीनी मिलों को पीपीपी मोड पर देने में विचार करने को लेकर भी सहमति बन गई है। पेयजल विभाग में विश्व बैंक से सहायतित 900 करोड़ की योजनाओं को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इसके अतिरिक्त ऊर्जा विभाग के तीनों निगमों में सातवें वेतन आयोग की सिफारिश लागू करने पर भी मंजूरी दी गई है।
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कैबिनेट बैठक में लिए गए प्रमुख फैसले -

कैबिनेट बैठक में लिए गए प्रमुख फैसले -
उत्तराखंड आवास नीति-17 को मिली मंजूरी। आवास नीति के चार मॉडल बनाए गए।
35 निकायों के विस्तारीकरण पर मुहर। शहरी आबादी बढ़कर होगी 37 फीसदी के करीब।
खनन को लेकर हुआ बड़ा फैसला। खनिज क्षेत्रों को ई-नीलामी व्यवस्था से करेंगे आवंटित।
उत्तराखंड निशुल्क अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (संशोधन) को लागू करने पर सहमति।
राज्य खाद्यान योजना में 10 लाख परिवारों को एक नवम्बर से सब्सिडी सीधे खाते में।
उत्तराखंड रेल मेट्रो प्राधिकरण को मिली मंजूरी। जल्द बनाया जाएगा इसका ढांचा।
ऊर्जा विभाग के तीनों निगमों में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें होंगी लागू होगा।
पर्यटन निदेशालय में सहायक लेखाकार के पांच पदों के सृजन को मिली मंजूरी।
एकलव्य आदर्श विद्यालय बाजपुर को निशुल्क पंद्रह एकड़ भूमि देने पर सहमति।
लघु, सीमांत और बीपीएल श्रेणी के किसानों को मिलेगा एक लाख तक का लोन।
जिला खनिज न्यास फाउंडेशन की होगी स्थापना। क्षेत्र में किया जाएगा विकास।
मंत्रिमंडल द्वारा वेतन विसंगति समिति की संस्तुतियों को स्वीकार किया गया।
चीनी मिलों के अवशेष गन्ना मूल्यों का भुगतान करने के लिए वित्तीय सहायता को मंजूरी।
पेयजल विभाग में विश्व बैंक से सहायतित 900 करोड़ की योजनाओं को मिली मंजूरी।
घाटे पर चल रही चीनी मिलों को पीपीपी मोड पर देने को लेकर विचार किए जाने पर सहमति।
डीजल पर टैक्स की दर घटाई जाएंगी। प्रति लीटर 52 पैसे तक सस्ता होगा डीजल।
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