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उत्तराखंड बजट सत्र का तीसरा दिन: नियमों के तहत सदन चलाने के मसले पर पक्ष और विपक्ष के बीच हुई तीखी बहस

Wed, 11 Mar 2026 09:25 AM IST
Alka Tyagi अमर उजाला ब्यूरो, भराड़ीसैंण(चमोली)

सार

Uttarakhand budget Session 2026: गैरसैंण की भराड़ीसैंण विधानसभा में विधानसभा सत्र का आज तीसरा दिन है। आज चार अध्यादेश व 11 विधेयक पास किए जाएंगे।
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उत्तराखंड बजट सत्र - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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व्यवस्था के प्रश्न और कार्य संचालन नियमावली के नियमों के तहत सदन चलाने को लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन ने प्रकरण को उठाते हुए आरोप लगाया कि सदन कार्य संचालन नियमावली के तहत नहीं चल रहा। सरकार चाहती है कि बजट सत्र को जल्द समाप्त कर देहरादून लौटा जाए।

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काजी निजामुद्दीन ने कहा, नियमों में स्पष्ट है कि बजट पर चार दिन चर्चा होनी चाहिए। राज्यपाल के अभिभाषण पर भी चार दिन चर्चा होनी चाहिए, लेकिन जिस दिन राज्यपाल का अभिभाषण था, उसी दिन बजट पेश कर दिया गया। एक ही दिन बजट और राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा की जा रही है। उन्होंने यह कहते हुए सदन के बीज जाकर विधानसभा अध्यक्ष को कार्य संचालन नियमावली की पुस्तिका को लौटाया। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा, कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में सरकार की हठधर्मिता और संख्या बल के आधार पर निर्णय लेने के कारण कांग्रेस के सदस्यों ने कार्य मंत्रणा समिति से इस्तीफा दिया।

संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने विपक्ष को संतुष्ट करने का प्रयास किया, लेकिन विपक्ष नियमों का हवाला देता रहा । इस मामले में पक्ष और विपक्ष के बीच करीब एक घंटे तीखी बहस होती रही। सबको सुनने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने संसदीय कार्य मंत्री को कार्य मंत्रणा समिति की सिफारिशों पर प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा। जिसके बाद इन प्रस्तावों को स्वीकार कर लिया गया।
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प्रबंध निदेशक के फोन न उठाने के मामले की होगी जांच
कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने विशेषाधिकार हनन के प्रस्ताव पर आरोप लगाया कि सरकार पीठ के निर्देशों का पालन नहीं कर रही। राज्यपाल के प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ। विधायक ने कहा, वह जल विद्युत निगम के प्रबंध निदेशक को दो बार फोन कर चुके हैं, लेकिन प्रबंध निदेशक का कहना था कि वह बैठक में हैं। मामले में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी ने कहा, प्रकरण का परीक्षण कराया जाएगा।

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