फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarakhand Budget: यह कामों का लेखा-जोखा नहीं भविष्य का रोड मैप है, बजट के बाद बोले सीएम धामी

Mon, 09 Mar 2026 07:58 PM IST
Alka Tyagi अमर उजाला ब्यूरो, भराड़ीसैंण(चमोली)

सार

सीएम धामी ने कहा कि लगभग 1.11 लाख करोड़ रुपये का यह बजट विकास, विरासत, संस्कृति और आधुनिकता के संतुलन को दर्शाता है और विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
विज्ञापन
सीएम धामी - फोटो : सूचना विभाग
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को उत्तराखंड के भविष्य का रोडमैप बताते हुए कहा कि यह केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं बल्कि राज्य के समग्र विकास की दिशा तय करने वाला बजट है।

विज्ञापन


बजट पेश करने के बाद प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि लगभग 1.11 लाख करोड़ रुपये का यह बजट विकास, विरासत, संस्कृति और आधुनिकता के संतुलन को दर्शाता है और विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य गठन के समय उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का आकार लगभग 14,500 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर लगभग 3.81 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यानी राज्य की आर्थिकी में 26 गुना से अधिक वृद्धि हुई है। इसी प्रकार प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2000-01 में 15,285 रुपये थी, जो वित्तीय वर्ष 2025-26 में बढ़कर 2,73,921 रुपये होने का अनुमान है।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में राज्य की वास्तविक विकास दर 7.23 प्रतिशत अनुमानित है, जो राष्ट्रीय औसत के आसपास है। राज्य सरकार ने एफआरबीएम अधिनियम के सभी मानकों का पालन करते हुए बेहतर वित्तीय अनुशासन बनाए रखा है। सरकार ने राजस्व अधिशेष बनाए रखा है और राजकोषीय घाटे को जीएसडीपी के तीन प्रतिशत के भीतर रखा है। उन्होंने कहा कि यह राज्य के कुशल वित्तीय प्रबंधन को दर्शाता है।
विज्ञापन


Uttarakhand Budget: पहली बार राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सीएम ने पेश किया बजट, बना इतिहास; इन पर रहा फोकस

विज्ञापन

केंद्र सरकार से मिलने वाले करों में राज्य के हिस्से के रूप में लगभग 17,415 करोड़ रुपये तथा विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के तहत लगभग 18,491 करोड़ रुपये की सहायता प्राप्त होगी। यह बजट गरीब, किसान, युवा और मातृशक्ति को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लिए 1,327 करोड़ रुपये, अन्नपूर्ति योजना के लिए 1,300 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए 298 करोड़ रुपये तथा शहरी आवास योजना के लिए 56 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए इस वर्ष 19,692 करोड़ रुपये का जेंडर बजट रखा गया है। इसके अंतर्गत सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0, ईजा-बोई शगुन योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट और नन्दा गौरा योजना जैसी योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। राज्य में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए लोक निर्माण विभाग के लिए 2,501 करोड़ रुपये, ऊर्जा क्षेत्र के लिए 1,609 करोड़ रुपये तथा लघु सिंचाई के लिए 1,642 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में कई नई योजनाओं की शुरुआत भी की जा रही है। सरकार नवाचार को भी बढ़ावा दे रही है। इसके तहत कीवी और ड्रैगन फ्रूट उत्पादन, ट्राउट मछली पालन, सेब नर्सरी विकास, मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना और महक क्रांति जैसी योजनाएं शुरू की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह बजट वास्तव में विकल्प रहित संकल्प से विकसित उत्तराखंड तक की यात्रा का दस्तावेज है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें