मौसम की आंखमिचौली के बीच सरकार पर ग्रीष्मकालीन राजधानी का जश्न हावी रहा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल समेत भाजपा विधायकों ने जमकर गुलाल खेला। ढोल व दमाऊ पर नाचे गाए।
गैरसैंण के आसपास की महिलाओं ने झोड़ा चांचरी नृत्य से अपनी खुशी का इजहार किया। तो विधायकों ने स्थानीय लोगों के साथ ढोल की थाप पर पांव थिरकाए। इन सब से दूर रहे विपक्ष ने सदन में प्रश्न काल नहीं चलने दिया और सरकार को नियमों व परंपराओं में बांधे रखने की कोशिश की।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बुधवार देर शाम ग्रीष्मकालीन राजधानी की घोषणा की, जिसका असर बृहस्पतिवार सुबह नजर आया। आंदोलनकारियों की गैर मौजूदगी में जगह-जगह चेकिंग से भी लोगों को रियायत मिली। भराड़ीसैंण के विधानमंडल भवन के सामने ढोल दमाऊ की थाप के बीच जश्न का माहौल बन गया। गैरसैंण के आसपास गांव गवाड़ तल्ला, सिलंगी, सिमटी समेत अन्य गांवों से आई महिलाएं जश्न में शामिल हुई।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत यहां पहुंचे तो जोश और उत्साह बढ़ गया। महिलाओं ने मुख्यमंत्री व भाजपा विधायकों का स्वागत किया। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत का भी इसी तरह स्वागत हुआ। उत्साह का आलम ये रहा कि नेता फूल मालाओं से लदे सदन में पहुंच गए।
इसके उलट विपक्ष खामोश, जश्न से दूर रहते हुए बैकफुट पर दिखाई दिया। प्रश्न काल की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस के सात विधायक जिला विकास प्राधिकरण पर चर्चा की मांग को लेकर वेल में आ धमके। विपक्ष इसी मुद्दे पर कार्य स्थगन प्रस्ताव भी लेकर आया। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश लगातार पीठ से फैसला करने की मांग करती रही। पीठ पर विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान मौजूद थे। उन्होंने नियम 58 के तहत इस मांग चर्चा करना स्वीकार किया।
इस पर संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने वैधानिकता का सवाल उठाया। पूरा प्रश्न काल इसी की भेंट चढ़ गया। मदन कौशिक ने कहा कि जिला विकास प्राधिकरण पर विधानसभा समिति की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी जा चुकी है। इस रिपोर्ट को खारिज किए बिना चर्चा संभव नहीं है। विपक्ष का कहना था कि पीठ चर्चा की मांग को नियम 58 में स्वीकार कर चुकी है। इस पर सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित हो गई। दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल ने नियम 58 के तहत इस मामले पर चर्चा की अनुमति दी।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत फूलों की माला पहने सदन में पहुंचे तो हंगामा हो गया। कांग्रेेस विधायक प्रीतम सिंह ने इसे सदन का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि सदन में सदस्य बैच तक नहीं लगा सकते और नेता सदन फूलों की माला से लदे हुए चले आए।
विधायक देशराज कर्णवाल ने भी फूलों की एक माला पहनी हुई थी। संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने कहा कि सदन में मेज थपथपाना और हंगामा करना भी सदन की परंपरा में नहीं है। लेकिन विपक्ष इन नियमों और परंपराओं को ध्वस्त करता रहा है। विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। जिससे वह यह मामला उठा रहा है।
सत्ता पक्ष के सदस्यों ने मेजें थपथपा कर किया सम्मान
सत्र शुरू होने के कुछ देर बाद नेता सदन त्रिवेंद्र सिंह रावत सदन में पहुंचे तो सत्ता पक्ष के विधायकों ने मेजें थपथपा कर उनका सम्मान किया। सामान्य रूप से नेता सदन के पहुंचने को सत्ता पक्ष के विधायक खामोशी से स्वीकार करते रहे हैं। मुख्यमंत्री भी कुछ समय तक ही सदन में रहे।
सदन में प्रश्नकाल की कार्यवाही बृहस्पतिवार को विपक्ष के हंगामें की भेंट चढ़ गई। थोड़ा बहुत समय बचा तो शिक्षा से संबंधित मामले उठे। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने सहजता से सवालों के जवाब दिए। पूरक सवालों पर जरूर वे कुछ एक मामलों में असहज हुए।
मंत्री बोले, बच्चे पढ़ रहे स्वच्छता का पाठ
भगवानपुर विधायक ममता राकेश के सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने बताया कि प्रदेश के प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में सफाई कर्मचारियों की तैनाती का प्रावधान बहुत पहले खत्म कर दिया गया था। पहले स्कूलों में सफाई कर्मचारी नियुक्त होते थे। ऐसे में बचे हुए सफाई कर्मचारियों का सेवाकाल पूरा हो जाने पर इन पदों को समाप्त किया जा रहा है। मंत्री के मुताबिक केंद्र और प्रदेश सरकार का जोर स्वच्छता पर है और स्कूलों में साफ सफाई कर बच्चों को स्वच्छता का पाठ पढ़ाया जाता है। ममता राकेश ने कहा कि छोटे-छोटे बच्चों से सफाई कराना किसी भी तरह से उचित नहीं है।
छात्रों संख्या 25 होगी तो खुलेगा स्कूल
सत्ता पक्ष के विधायक विनोद चमोली ने कहा कि पौड़ी में एक स्कूल छात्र सं या कम होने के कारण बंद हो गया है। वहां 25 अभिभावकों ने ज्ञापन दिया है कि स्कूल बंद न किया जाए। मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि स्कूलों को बंद नहीं किया जा रहा है। स्कूलों को आसपास के स्कूलों में मर्ज किया जा रहा है। सरकार इसका परीक्षण कराएगी। 25 छात्र होंगे तो स्कूल बंद नहीं किया जाएगा।
...तो जिला से बाहर जा सकेंगे अतिथि शिक्षक
सल्ट विधायक सुरेंद्र सिंह जीना के सवाल पर शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने बताया कि प्रदेश में 4066 गेस्ट टीचर हैं। सरकार की कोशिश है कि खाली पदों को गेस्ट टीचरों से भरा जाए। इस समय यह व्यवस्था नहीं है कि जिले से बाहर गेस्ट टीचरों को भेजा जाए। जीना का कहना था कि गेस्ट टीचरों को तैनाती जिलों तक ही सीमित कर दिया गया है। इससे कई शिक्षकों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षा मंत्री ने इस मांग की समीक्षा करने और व्यवहारिक होने पर व्यवस्था लागू करने का आश्वासन दिया।
सभी माध्यमिक स्कूलों में होगी वर्चुअल क्लास
भाजपा विधायक देशराज कर्णवाल के सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने बताया कि प्रदेश में 500 स्कूलों में वर्चुअल क्लास शुरू की गई हैं। अल्मोड़ा में 52, बागेश्वर में 10, चमोली में 45, चंपावत में 15, देहरादून में 46, हरिद्वार में 10, नैनीताल में 60, पौड़ी में 81, पिथौरागढ़ में 40, रुद्रप्रयाग में 21, टिहरी में 52, उधमसिंह नगर मेें 36 और उत्तरकाशी में 32 वर्चुअल क्लासरूम हैं। आगे आने वाले समय में सभी माध्यमिक स्कूलों को इस सुविधा से जोड़ा जाएगा।