प्रदेश में सड़कों की हालत बेहद खराब है। सड़कों की मरम्मत के लिए बजट में कोई व्यवस्था नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी की भी सीख थी कि बजट में जितनी व्यवस्था हो सके, सरकार को घोषणा उतनी ही करनी चाहिए।
इंदिरा ने कहा कि सरकार को करीब 40 हजार करोड़ रुपये के कर्ज का सामना भी करना पड़ रहा है। सरकार कर्ज लेकर कर्ज का ब्याज भुगत रही है। सरकार के पास पैसा नहीं है तो वह लोकलुभावन वादों को कहां से पूरा करेगी। बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट ने कहा कि सरकार का यह बजट विकासपरक है। सबसे बड़ा फैसला चार धाम में उचित व्यवस्था के लिए देवस्थानम बोर्ड का गठन है।
जंगली जानवरों से फसल नुकसान की समस्या को देखते हुए अब जैविक खेती पर सरकार का फोकस है। इसको बढ़ाने की जरूरत है। बजट पर चर्चा में इसके अलावा विधायक हरबंस कपूर, देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी, सहसपुर विधायक सहदेव पुंडीर, भीमताल विधायक रामसिंह कैड़ा, गंगोत्री विधायक केदार सिंह रावत आदि शामिल हुए। बजट चर्चा शनिवार को भी जारी रहेगी।