बजट में इन नई योजनाओं का जिक्र
वित्त मंत्री ने कहा कि बजट में जो नई योजनाएं लेकर आए हैं, उनमें वेंचर फंड बनाने, रिवर फ्रंट डेवलपमेंट, प्रवासी उत्तराखंड परिषद, यूआईटीडीबी को परामर्शी सेवाओं व सर्विस सेक्टर सब्सिडी, रेणुका जी बांध परियोजना में राज्य की अंशपूंजी, खेल विवि की स्थापना, होम कल्याण कोष, सैनिक विश्राम गृहों की साज सज्जा प्रमुख है।
गरीब कल्याण के लिए विशेष प्रावधान
अग्रवाल ने कहा कि बजट में गरीबों की पेंशन के लिए 1,811.66 करोड़, विभिन्न योजनाओं में सब्सिडी के 918 करोड़, अन्नपूर्ति योजना के लिए 600 करोड़, पीएम आवास योजना 255 करोड़ का प्रावधान किया गया है। युवाओं के तकनीकी और कौशल विकास व छात्रवृत्ति, निशुल्क सुविधाओं के लिए भी वित्तीय प्रावधानों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए भी बजट विभिन्न योजनाओं में प्रोत्साहन के लिए बजट की व्यवस्था की है।
ढांचागत विकास के लिए बजट
वित्त मंत्री ने कहा कि जमरानी बांध परियोजना के लिए 625 करोड़, सौंग परियोजना के लिए 75 करोड़, लखवाड़ के लिए 285 करोड़, विशेष पूंजीगत सहायता के लिए 1500 करोड़, जलजीवन मिशन के लिए 1843.44 करोड़, लोनिवि के तहत सड़कों व पुलों के निर्माण व रखरखाव के लिए 1268 करोड़, पीएमजीएसवाई के लिए 1065 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
यूसीसी लागू करने के लिए भी बजट
बजट में समान नागरिक संहिता को लागू करने के लिए 30 करोड़, परिवार पहचानपत्र के लिए 10.28 करोड़, राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन के लिए 10.28 करोड़, गो सदनों व निराश्रित पशुओं के लिए 70 करोड़, गैरसैंण में अवस्थापना कार्य के लिए 20 करोड़, सीएम स्वरोजगार योजना के लिए 60 करोड़ व सीएम पलायन रोकथाम योजना के लिए 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
अटल की कविता से बजट की शुरुआत
वित्त मंत्री ने सबसे पहले अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। राज्य आंदोलनकारियों को नमन किया। देवभूमि, तपोभूमि, वीरभूमि और खेलभूमि का भी जिक्र किया। बजट की शुरुआत उन्होंने पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की कविता यह वंदन की भूमि से किया। पीएम मोदी को प्रेरणा बताया।
सीएम के साथ पहाड़ी टोपी स्लेटी परिधान में पहुंचे वित्त मंत्री
बजट भाषण देने के लिए वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल हाथों में बजट की अटैची थामे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ सदन में पहुंचे। उन्होंने पहाड़ी टोपी धारण की हुई थी और स्लेटी सूट पहना था। 43 पन्नों का भाषण पढ़ने में उन्हें एक घंटा बीस मिनट लगे।