मीडियाकर्मियों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हमारा प्रयास गैरसैंण में पहली मार्च से विधानसभा सत्र आयोजित करने का था। एक व दो मार्च को अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव व मार्च के दूसरे हफ्ते में होली है। इसीलिए इसे तीन मार्च से सात मार्च तक किया गया। जरूरत पड़ी तो इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
माना जा रहा है कि सरकार सात मार्च के बाद होली तक सदन की कार्यवाही स्थगित करती है तो उसके बाद देहरादून में सत्र हो सकता है। ऐसे में इस बात की संभावना है कि सरकार भराड़ीसैंण विधानसभा में बजट पेश करे और देहरादून विधानसभा में इसे पारित किया जाए।
भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में 3 से 7 मार्च तक होने वाले विधानसभा बजट सत्र के शांतिपूर्वक संचालन के लिए नोडल अधिकारी नामित कर दिए हैं। डीएम स्वाति एस भदौरिया ने सभी नोडल अधिकारी, व्यवस्था प्रभारी, अतिरिक्त प्रभारी एवं सह प्रभारियों को पूरी जिम्मेदारी के साथ सौंपें गए दायित्वों के निर्वह्न के निर्देश दिए।
सत्र के दौरान गैरसैंण क्षेत्र में पर्याप्त बिजली आपूर्ति के लिए ईई ऊर्जा निगम डीएस चौधरी को प्रभारी और वैकल्पिक बिजली व्यवस्था के लिए उरेड़ा विभाग के परियोजना प्रबंधक वाईएस बिष्ट को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। पेयजल के लिए ईई जल संस्थान मुकेश कुमार को प्रभारी व पेयजल निगम के ईई मदन पुरी को अतिरिक्त प्रभारी, आवास एवं खानपान व्यवस्था के लिए एसडीएम बुशरा अंसारी को समन्वयक बनाया गया है।
वहीं सत्र के लिए आवश्यक कंप्यूटर, प्रिंटर, फैक्स, फोटोस्टेट मशीन आदि के लिए ईई वर्ल्ड बैंक मनोज कुमार भट्ट को प्रभारी और जिला बचत अधिकारी अर्षित गोदवाल को प्रभारी नामित किया गया है। इसी तरह अन्य अधिकारियों को भी दायित्व सौंपे गए हैं। कंट्रोल रूम के लिए जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एनके जोशी को प्रभारी बनाया गया है।
गैरसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान अब पुलिस जवानों को रात टेंटों में नहीं बितानी होगी। भराड़ीसैंण में हैलीपेड के पास पशुपालन विभाग की 22 नाली भूमि पर पुलिस बैरक का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। यहां पुलिस की दो बैरक बनेंगी, जहां लगभग 150 जवान रात्रि विश्राम कर सकेंगे। पुलिस अधिकारियों के लिए भी अलग से कक्ष बनाए जाएंगे।
अभी तक गैरसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान पुलिस के जवान दिनभर सुरक्षा का जिम्मा संभालते थे, लेकिन उन्हें रात्रि विश्राम के लिए कमरे नहीं मिलते हैं। कई जवान अलाव के सहारे रात काटते हैं। अब शासन ने भराड़ीसैंण में हैलीपेड के पास ही पशुपालन विभाग की 22 नाली भूमि पुलिस विभाग के लिए हस्तांतरित कर दी है। यहां बैरक का निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है।
अगले वर्ष से पुलिस के जवानों को सत्र के दौरान यहां रात्रि विश्राम के लिए भवन मिल जाएगा। पुलिस महानिरीक्षक अजय रौतेला और चमोली के पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान ने बताया कि भराड़ीसैंण में पुलिस की दो बैरक बनेंगी। यहां लगभग 150 जवानों के साथ ही पुलिस अधिकारियों को रहने की सुविधा मिलेगी। अगले वर्ष बैरक बनकर तैयार हो जाएंगे।