बजट में इस जिद के कारण भी योजनाओं के लिए पैसे की कमी लगातार हो रही है। योजनाओं के लिए सरकार नौ करोड़ रुपये का इंतजाम करती है तो राजस्व खर्च को 38 हजार करोड़ तक जाने देती है।
इस बार कुछ हद तक राहत
इस बार 15वें वित्त आयोग ने करीब पांच हजार करोड़ रुपये का राजस्व घाटा अनुदान प्रदेश सरकार को दिया है। अधिकारियों के मुताबिक इससे योजनाओं के लिए कुछ हद तक बजट की व्यवस्था हो पाएगी।
साल = राजस्व घाटा या सरप्लस = राजकोषीय घाटा
2001-02 = 329.98 = 612
2002-03 = 457.26 = 888
2003-04 = 761.26 = 1407.12
2004-05 =950.14 = 2171.43
2005-06 = 73.95 = 1878.22
2006-07 =-896.37 = 885.77
2007-08 =-636.53 = 1742.40
2008-09 =-239.53 = 1844.96
2009-10 =1171.35 = 2783.32
2010-11 =12.92 = 1842.57
2011-12 =-716.09 = 1357.49
2012-13 =-1786.99 = 1599.49
2013-14 =-11.04 = 3050
2014-15 =-637.79 = 5696.87
2015-16 =282 = 4749
2016-17 =25 = 6072
2017-18 =-1978.12 = 7685.82
2018-19 =27.25 = 5492.11
2019-20 =22.79 = 6798.16
नोट : 2018-19 व 19-20 के आंकड़े रिवाइज्ड और अनुमानित हैं। राशि करोड़ में