गैरसैंण में मात्र चार दिन का सत्र आयोजित करने को लेकर फंसी प्रदेश सरकार अब बजट सत्र को दो हिस्सों में आयोजित कराने पर विचार कर रही है। इस पर अभी फैसला नहीं हुआ है, लेकिन इस प्रस्ताव को विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
विधानसभा के स्तर से भी यह स्वीकार किया जा रहा है कि पहला सत्र और बजट को देखते हुए चार दिन का समय नाकाफी है। सरकार के सामने मजबूरी यह है कि मार्च के दूसरे सप्ताह में ही होली है। ऐसे में बजट सत्र को लंबा नहीं खींचा जा सकता है। सूत्र यह भी बता रहे हैं कि होली से पहले ही राष्ट्रीय स्तर के नेताआें के दौरे भी हो सकते हैं। इस स्थिति को देखते हुए ही सत्र चार दिन का प्रस्तावित किया था।