इससे पहले वित्त मंत्री प्रकाश पंत आज विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए बजट अनुमान सदन पटल पर प्रस्तुत करने वाले थे। इस बजट में खेती और किसानों को खास तरजीह दिए जाने के संकेत हैं। साथ ही सरकार निवेश लक्ष्यों के आधार पर स्वरोजगार, सहकारी क्षेत्र और जैविक खेती को विशेष प्रोत्साहन के लिए घोषणाएं कर सकती है। बजट में प्रदेश के किसानों, बेरोजगारों, ग्रामीणों, वंचितों, गरीबों और कमजोर तबके लिए भी कुछ नई योजनाओं के प्रावधान के संकेत हैं।
वर्ष 2018-19 के वित्तीय वर्ष के लिए सरकार ने 45585.09 करोड़ रुपये का बजट पास किया था। बजट में सरकार ने कौशल विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र को खास प्राथमिकता दी थी। अब 2019-20 के जारी बजट में सरकार प्राथमिकता क्षेत्र में शामिल कृषि, पशुपालन, वानिकी, मत्स्य पालन, खनन के क्षेत्र में घोषणा कर सकती है। प्रदेश सरकार के सामने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का संकल्प भी पूरा करने का लक्ष्य है।
इसलिए बजट का स्वरूप खेती और किसान के विकास के हिसाब से तैयार हो सकता है। ऐसे संकेत हैं कि बजट में सरकार पर्यटन, व्यापार, परिवहन, सड़क एवं संचार क्षेत्र को प्राथमिकता दे सकती है। पिछले बजट में जो घोषणाएं सरकार ने की थीं, उनमें बजटीय प्रावधान को सरकार बढ़ा सकती है।