अल्मोड़ा के ग्राम सिरोली निवासी बीएसएफ जवान कुंदन राम का बबलेश्वर श्मशानघाट पर राजकीय सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। दिल्ली से आए बीएसएफ के जवानों ने उन्हें अंतिम सलामी दी। प्रशासन की ओर से एसडीएम आरके पांडे समेत कई लोगों ने उनके शव पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में तैनात कुंदनराम का पार्थिव शरीर सेना के वाहन से रविवार को सुबह करीब चार बजे चौखुटिया, उसके बाद सुबह सात बजे उनके गांव सिरोली ले जाया गया। पति के पार्थिव शरीर को देखते ही पत्नी सुनीता और बेटे हरीश सहित सभी परिजन बदहवास हो गए।
सिरोली गांव से भारत माता की जय, कुंदन अमर रहे और वंदे मातरम की गूंज के साथ कुंदम राम की अंतिम यात्रा शुरू हुई। श्मशानघाट पर उनके बेटे हरीश ने चिता को मुखाग्नि दी। दिल्ली से आए बीएसएफ के जवानों ने उन्हें अंतिम सलामी दी। एसआई रामदयाल ने कुंदन राम के बेटे हरीश को तिरंगा सौंपा।
एसडीएम आरके पांडे, तहसीलदार सतीश बर्थवाल, प्रभारी थानाध्यक्ष मदन मोहन सिंह, सुनील धानिक, बीएसएफ के जवानों ने पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किए। यहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
यूनिट में सभी के चेहते थे कुंदन राम
जम्मू कश्मीर से पार्थिव शरीर लेकर आए लोहाघाट निवासी बीएसएफ के एसआई दिनेश चंद्र जोशी ने बताया कि कुंदन राम बहुत होनहार और मिलनसार थे। यूनिट में सभी लोग उनसे खास लगाव रखते थे। बताया कि उनकी 26 साल की नौकरी पूरी हो गई थी। इस बीच उनकी एसआई के पद पर पदोन्नित भी होनी थी। बताया कि परिजनों को त्वरित सहायता के रूप में पैंतीस हजार रुपये की धनराशि दी गई है। कागजी औपचारिकताओं के लिए वह रविवार को चौखुटिया में ही रुकेंगे।