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सीएम ने होनहारों को दिया मेहनत का ईनाम, तो हौंसलों को मिली उड़ान

Sun, 09 Jul 2017 06:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावियों को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक और सुबोध उनियाल ने सम्मानित किया। अमर उजाला की ओर से आयोजित कार्यक्रम में प्रत्येक जिले से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के तीन-तीन टॉपर छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया।
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रविवार को जीएमएस रोड स्थित होटल सैफ्रॉन लीफ में आयोजित कार्यक्रम में अभिभावकों और छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए सीएम ने सफलता के लिए लक्ष्य तय कर निरंतर मेहनत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी बेहद समझदार है। अभिभावकों और छात्र-छात्राओं को अब बेहतर भविष्य के लिए प्रयास करना चाहिए। अपने साथ-साथ अन्य लोगों को भी आगे बढ़ाने की प्रवृत्ति विकसित करनी होगी, ताकि अच्छे समाज का निर्माण हो सके। 

आप भी बन सकते हैं सीएम
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि हमारे राज्य में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आजकल के बच्चे भी बहुत होशियार हैं। अभी कुछ दिन पहले मैं एक कार्यक्रम में गया तो बच्चे बेहद खुश नजर आए। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह मुख्यमंत्री के साथ बैठकर फोटो भी खिंचवाएंगे। इसका मतलब यह है कि हमारे बीच कहीं कोई गैप और संवादहीनता की स्थिति है। जबकि, सच्चाई यह है कि आपमें से कोई भी सीएम बन सकता है। सीएम बोले कि कार्यक्रम में अभी एक बच्चे ने कहा कि आप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेरे आदर्श हैं। यह आज की युवा पीढ़ी की सोच को दर्शाता है। 
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अमर उजाला ने खोजे हीरे
मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम में धारचूला जैसे दूरस्थ क्षेत्र से भी बच्चे पहुंचे हैं। धारचूला प्रदेश का दूरस्थ और दुर्गम इलाका है, जहां से दून पहुंचने में 20 घंटे से भी ज्यादा का समय लग जाता है। अमर उजाला ने ऐसे दूरस्थ इलाके तक अपनी नजर डाली और होनहारों को खोजकर हमारे सामने रखा। उन प्रतिभाओं को सामने लाने का काम किया, जो अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर बहुत उत्कृष्ट कार्य करते हैं। लेकिन कई बार प्रतिभा और मेहनत का जज्बा होने के बावजूद उचित मंच न मिलने से ऐसी प्रतिभाएं दम तोड़ने को मजबूर हो जाती हैं। 

 

खुली आंखों से देखो सपने
सफलता अर्जित करने के लिए सपने देखना जरूरी है। लेकिन यह सपने नींद में नहीं, बल्कि दिन में खुली आंखों से देखने चाहिए। दिन में जागृत अवस्था में सपने देखो और उनको पूरा करने के लिए जीतोड़ मेहनत करो। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मेधावियों को प्रोत्साहित करते हुए उनसे निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सपने देखने का मतलब है लक्ष्य तय करना और उसे हासिल करने के लिए ठोस प्लानिंग करना और उसे धरातल पर उतारना।

अयं नहीं वयं की सोचें
सीएम ने मेधावियों से अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज, राज्य और देश के लिए सोचने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मेधावियों को सम्मानित कर प्रोत्साहित करने का काम अमर उजाला ने इसलिए किया, ताकि आप अन्य लोगों को आगे बढ़ने में मदद कर सको। पुरस्कार की अंतर्भावना यहीं होती है कि आप खुद से हटकर सभी के लिए सोचें। सफलता के लिए प्रयास करें, लेकिन यह केवल अपने लिए नहीं, बल्कि सबके लिए होना चाहिए। जब प्रयास अपने लिए होता है तब यह अयं की तरफ जाता है। जब हम समाज, देश, राज्य के लिए सोचते हैं तो यह वयं के लिए होता है। अधिकतम को कैसे सुविधाएं और सुख पहुंचाया जा सकता है, इसके लिए प्रयास करना ही हमारा ध्येय होना चाहिए। जब आप आगे बढ़ते हैं तो समाज को आगे ले जाने की जिम्मेदारी भी आपके कंधों पर होती है। समाज को जितना लाभ हम पहुंचा सकें, उससे ज्यादा करने का प्रयास होना चाहिए।

प्रयास करना न छोड़ें
मुख्यमंत्री ने सभी होनहारों से सफलता के लिए लगातार प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कोई भी प्रयास छोटा या बड़ा नहीं होता। सीएम ने बच्चों को कहानी के माध्यम से प्रयास की महत्ता समझाई। उन्होंने कहा कि जब श्रीराम की सेना सीता माता को लेने लंका जा रही थी तब रास्ते में समुद्र पड़ा। नल-नील समेत पूरी सेना पुल के निर्माण में लग गई। सभी वीर बड़ी-बड़ी शिलाएं लेकर पुल निर्माण में जुटे थे। तब भगवान श्रीराम ने देखा कि एक छोटी सी गिलहरी भी अपने मुंह में तिनका दबाकर समुद्र में डाल रही है। श्रीराम गिलहरी के इस प्रयास और सद इच्छा को देखकर बेहद प्रभावित हुए। उन्होंने गिलहरी को आशीर्वाद दिए। कहा जाता है कि गिलहरी की पीठ पर जो पंजे के निशान होते हैं, वह श्रीराम के आशीर्वाद से ही बनी है। जब पशु ऐसा कर सकते हैं तो हम मनुष्य होकर पीछे क्यों रहें। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रयास करने से मुश्किल से मुश्किल चीज भी आसान हो जाती है। 

बोले मंत्री

अपनी मेधा के दम पर स्कूल और जिले का नाम रोशन करने वाले मेधावियों को बहुत-बहुत बधाई। अमर उजाला का विशेष आभार कि उन्होंने होनहारों को सम्मानित कर प्रोत्साहित करने का काम किया। इस सम्मान से निश्चित तौर पर मेधावियों का हौसला बढ़ेगा और वह बेहतर करने के लिए प्रोत्साहित होंगे। मेधावियों के शिक्षकों को भी साधुवाद कि वह भविष्य निर्माण में अपना अहम योगदान दे रहे हैं। 
-मदन कौशिक, कैबिनेट मंत्री

उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर जिन मेधावियों का सम्मान किया गया, उनमें से ज्यादा दूरस्थ क्षेत्रों से हैं। इन मेधावियों ने तमाम कमियों और अभावों के बावजूद मेरिट में स्थान हासिल किया है। ऐसी सभी प्रतिभाओं पर पूरे राज्य और समाज को गर्व है। अमर उजाला ने इन प्रतिभाओं को सम्मानित कर सभी छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने का काम किया है।
-सुबोध उनियाल, कैबिनेट मंत्री
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इनका हुआ सम्मान

सम्मानित होने वाले देहरादून के विद्यार्थियों में हुमा मलिक, मनीष मधवाल, नेहा नौटियाल, आयुशी पेटवाल, वैभव थपलियाल, राहुल भट्ट रहे। उधमसिंह नगर से हर्ष कुमार शर्मा, हर्ष वर्धान वर्मा, कशिश कुमार, आकाशदीप वत्सल, यक्ष कुमार और क्षेत्रीय चौहान, चमोली गढ़वाल से सचिन कंडारी, रितिका लाम्बा, उज्मा आफरीन और शुभम फर्सवाण, चंपावत जनपद से कमल उठोती, भुवनेश भट्ट, अंकित जोशी, निशा खातून, अंजलि टर्बोला, मोहित खोलिया रहे। 

हरिद्वार जनपद से सम्मान पाने वाले होनहारों में मेघा धीमान, स्वेलेहा, दक्षा तिवारी, मीनाक्षी, मोनिका अग्रवाल, अब्दुल रहमान रहे। नैनीताल जनपद से कविता पंत, मोहित चंद कोलिया, दीक्षा जोशी, दीपक जोशी, हिमांशू अस्‍थानिया, धीरज रहे। पौड़ी गढ़वाल से आदित्य घिल्डियाल, शिवम पंवार और अमन नौटियाल, पिथौरागढ़ से राजीव जोशी , अक्षय बोरा, राहुल चंद, सूरज धीमान, नील कमल रहे।

रुद्रप्रयाग जनपद से नेहा मैठाणी, शारदुल, टिहरी गढ़वाल से पवन, अंजलि, अजीत सिंह, आशीष सारांशी, आंचल, सुमित कुमार, उत्तरकाशी से अजय सिंह बिष्ट, अंकित राणा, सूरज राणा, आकाश गुसांई, आदित्य रावत, नोमान, बागेश्वर जनपद से शुभम जोशी, मनीषा खुल्वे, दीपक पंत, प्रियंका दानू, पंकज सिंह दोसाद, संजय सिंह मेहता और संतोष तिवारी रहे।  
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