जम्मू कश्मीर के बलनोई क्षेत्र में पाकिस्तान आर्मी की ओर से दागे स्नाइपर शॉट से भारतीय सेना का एक जवान शहीद हो गया। शहीद उत्तराखंड का रहने वाला था।
पाकिस्तानी सेना की ओर से दागे गए स्नाइपर शॉट से नियंत्रण रेखा के बलनोई क्षेत्र में शहीद हुए जवान की शिनाख्त सेना की 20 कुमाऊं रेजीमेंट के सिपाही पवन सिंह सुगरा (21) के रूप में हुई है। वह उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के गंगोलिहात तहसील के सुगरी गांव के रहने वाले थे।
ड्यूटी पर तैनात थे पवन सिंह सुगरा
jammu & kashmir
मिली जानकारी के अनुसार, शाम करीब तीन बजे जिले की मेंढर तहसील के भारत-पाक नियंत्रण रेखा पर स्थित बलनोई क्षेत्र में तैनात भारतीय सेना की 20 कुमाऊं रेजीमेंट की अग्रिम चौकी हेलमेट पर तैनात सिपाही पवन को उस समय अचानक पाक सेना की गोली ने निशाना बना लिया, जब वह ड्यूटी पर तैनात थे।
गोली लगने के साथ ही वह गिर पड़े। साथी जवानों ने उसे तत्काल चिकित्सा कक्ष में पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जवान को मृत घोषित कर दिया।
गौरतलब है कि पिछले महीने भी नियंत्रण रेखा पर पाक सेना के स्नाइपर शॉट से भारतीय सेना के सात जवान शहीद हो गए थे। इनमें पुंछ के गांव अजोट के रहने वाले लांस नायक मोहम्मद नसीर भी शामिल थे। इसके बाद भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई में पाक सेना के करीब डेढ़ दर्जन जवानों को मार गिराया था।
पिता की तरह देशभक्ति का जज्बा
pawan singh (file photo)
सुगड़ी (चौरपाल) निवासी पवन सिंह के पिता का नाम दान सिंह सुगड़ा है। दान सिंह रिटायर्ड फौजी हैं। पवन सिंह की मां का नाम देवकी सुगड़ा है। फरवरी 2016 में वह भारतीय सेना में भर्ती हुए थे।
बचपन से ही उनमें देशभक्ति का जुनून था। पवन ने स्कूली दीक्षा इंटर विवेकानंद गंगोलीहाट से पूरी की। पवन जब पिथौरागढ् महाविद्यालय से बीए द्वितीय वर्ष कर रहे थे, उसी दौरान सेना में भर्ती हुए थे। पवन सिंह का बड़ा भाई धकरज सुगड़ा हल्द्वानी कोतवाली में कार्यरत है। उनकी दो बहने भी हैं।