उत्तराखंड हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा में पहाड़ की बेटी आयशा ने 98.4 फीसदी अंक लाकर न केवल प्रदेश में टॉप किया, बल्कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की बोर्ड परीक्षाओं के अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए।
आयशा ने 500 में से सर्वाधिक 492 अंक हासिल किए हैं। गौरी एमपी इंटर कॉलेज विजय नगर, रुद्रप्रयाग की आइसा को गणित और विज्ञान में शत-प्रतिशत अंक मिले हैं। वहीं, पास प्रतिशत में भी पहाड़ की बेटियां छा गईं हैं। बेटियों के पास प्रतिशत में रुद्रप्रयाग जनपद प्रदेश में पहले और पिथौरागढ़ दूसरे स्थान पर है।
मंगलवार को जारी उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद् का परिणाम बताता है कि पहाड़ की बेटियां किसी भी मायने में कम नहीं हैं। बेटियों का प्रदर्शन छात्रों से बेहतर रहा है। हाईस्कूल में आयशा ने पिछले सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर सबसे अधिक अंक लाने वाली छात्राओं में अपना नाम दर्ज करा लिया।
इससे पहले यह रिकॉर्ड एमपी हिंदू इंटर कॉलेज, रामनगर की प्रशंसा पोखरियाल के नाम था। प्रशंसा ने वर्ष 2016 में 97 फीसदी अंक लाकर प्रदेश में टॉप किया था। वहीं, इस बार हाईस्कूल मेरिट में भी रुद्रप्रयाग की बेटियां छाई हुईं हैं।
साल दर साल टूट रहा रिकॉर्ड
गौरी एमपी इंटर कॉलेज विजय नगर, रुदप्र्रयाग की मेघना को 97.4 फीसदी अंक मिले हैं। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज बिलानी की निकिता ने भी 97.4 फीसदी अंक प्राप्त किए। शिक्षा निदेशक आरके कुंवर के मुताबिक, हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में इस बार एक लाख 50 हजार 573 परीक्षार्थी शामिल हुए। परीक्षाफल 73.67 फीसदी रहा। पास प्रतिशत में बेटियों ने छात्रों से अच्छा प्रदर्शन किया है।
साल दर साल टूट रहा रिकॉर्ड
हाईस्कूल बोर्ड परीक्षाओं में छात्राओं में सर्वाधिक अंक का रिकॉर्ड पूर्व में सरस्वती विद्या मंदिर नानकमत्ता ऊधमसिंह नगर की छात्रा विजय लक्ष्मी के नाम था। वर्ष 2013 में उसने प्रदेश में टॉप करने के साथ ही सर्वाधिक 95.6 फीसदी अंक प्राप्त किए थे। वर्ष 2016 में एमपी हिंदू इंटर कॉलेज, रामनगर की प्रशंसा पोखरियाल ने 97 प्रतिशत अंक प्राप्त कर इस रिकॉर्ड को तोड़ा। जबकि, इस बार रुद्रप्रयाग की आइसा ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए।
पास प्रतिशत में भी आगे बढ़ रहीं बेटियां
उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल संस्थागत परीक्षाओं में पिछले पांच साल से लगातार बेटियों का परचम रहा है। वर्ष 2013 में छात्रों का पास प्रतिशत 69 और छात्राओं का 77.85 प्रतिशत रहा। वर्ष 2014 में छात्रों का पास प्रतिशत 63.69 और छात्राओं का 74.77 प्रतिशत रहा। वर्ष 2015 में छात्रों का 66.74 और छात्राओं का 77.40 प्रतिशत रहा। वहीं, पिछले साल छात्राओं का पास प्रतिशत 77.53 और छात्रों का 72.13 रहा। इस बार फिर से छात्राएं फिर आगे रहीं। वर्ष 2017 में छात्राओं का पास प्रतिशत 79.51 एवं छात्रों का 70.41 फीसदी रहा।