हालांकि अनुसूचित जाति, जनजाति एवं दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा शुल्क सौ रुपये रखा गया हैं। जबकि इंटरमीडिएट में परीक्षाफल सुधार के लिए परीक्षा शुल्क के रूप में तीन सौ रुपये देने होंगे। आदेश में कहा गया है कि परीक्षाफल सुधार परीक्षा एक समयबद्ध कार्यक्रम के रूप में आयोजित की जाएगी।
इस आदेश से 20800 को मिलेगा पास होने का मौका
शासन के इस आदेश से उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षा में फेल हुए 20800 छात्र-छात्राओं को पास होने का मौका मिलेगा। ये छात्र एक या दो विषय में फेल हुए हैं।