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उत्तराखंड बोर्ड: नकल रोकने के होंगे पुख्ता इंतजाम, प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापकों को बनाया जाएगा पर्यवेक्षक

Thu, 22 Jan 2026 12:00 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

उत्तराखंड परीक्षा में दिव्यांग छात्र-छात्राओं को प्रति घंटा 20 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। यदि परीक्षा के लिए समय तीन घंटे हैं तो दिव्यांग छात्र-छात्राओं को एक घंटे का अतिरिक्त समय मिलेगा।
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परीक्षा (प्रतीकात्मक) - फोटो : फ्रीपिक
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विस्तार
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प्रदेश में 21 फरवरी से शुरू हो रही उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। यह कहना है बोर्ड के सचिव विनोद सिमल्टी का। उन्होंने कहा, संवेदनशील और अति संवेदनशील केंद्रों में वरिष्ठ प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापकों को पर्यवेक्षक बनाया जाएगा।

बोर्ड के सचिव मुताबिक परीक्षा के लिए 1261 केंद्र बनाए गए हैं। जिसमें 156 संवेदनशील और छह अति संवेदनशील केंद्र हैं। इसमें 50 एकल और 1211 मिश्रित केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा में नकल न हो इसके लिए सभी जिलों में मुख्य शिक्षा अधिकारियों की अध्यक्षता में बैठक होनी है। जिसमे सचल दल बनाए जाएंगे। इसके अलावा राज्य स्तर पर भी सचल दल का गठन किया जाएगा।

दिव्यांग छात्र-छात्राओं को प्रति घंटा 20 मिनट मिलेंगे अतिरिक्त

उत्तराखंड बोर्ड के सचिव के मुताबिक परीक्षा में दिव्यांग छात्र-छात्राओं को प्रति घंटा 20 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। यदि परीक्षा के लिए समय तीन घंटे हैं तो दिव्यांग छात्र-छात्राओं को एक घंटे का अतिरिक्त समय मिलेगा।

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इतने छात्र होंगे परीक्षा में शामिल

उत्तराखंड बोर्ड के सचिव के मुताबिक हाईस्कूल में 110573 संस्थागत और 2106 व्यक्तिगत छात्र-छात्राएं शामिल होंगी। जबकि इंटरमीडिएट में 99345 संस्थागत और 4097 व्यक्तिगत छात्र परीक्षा देंगे।

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