उत्तराखंड बोर्ड में परीक्षार्थियों की संख्या साल दर साल घट रही है। हर वर्ष छात्रों की संख्या घटना चिंता का विषय है, जबकि सीबीएसई बोर्ड की ओर परीक्षार्थियों का रुझान ज्यादा है। इसका कारण सरकारी स्कूलों में गुणवत्ताहीन शिक्षा व्यवस्था है।
उत्तराखंड बोर्ड के पिछले सालों का रिकॉर्ड खंगालें तो दिखेगा कि किस तरह छात्रों की संख्या में कमी हो रही है। साल 2015 में हाईस्कूल में 169481, इंटरमीडिएट में 143159 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी।
2016 में हाईस्कूल में 162865, इंटर में 133064 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। 2017 में हाईस्कूल में 150573, इंटर में 131190 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। 2018 में हाईस्कूल 146166, इंटर में 130094 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी।
2019 में हाईस्कूल 146584, इंटर में 122618 ने परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। साल 2020 में हाईस्कूल में 147588 और इंटर में 119216 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए हैं। इन परीक्षार्थियों का रिजल्ट 29 जुलाई को आने वाला है। लगातार घटती छात्रसंख्या शिक्षा विभाग के लिए चिंता का सबक है।