सीएए लागू करने से कोई राज्य मना नहीं कर सकता : मेघवाल
भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में केंद्रीय भारी उद्योग एवं संसदीय राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) लागू करने से कोई राज्य इंकार नहीं कर सकता। इस कानून को लागू करना सभी राज्यों की बाध्यता है। कुछ राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बयान आए हैं कि वे सीएए लागू नहीं करेंगे। केरल ने विधानसभा में कोई प्रस्ताव पास किया है।
पश्चिमी बंगाल की मुख्यमंत्री भी कह रही हैं कि सीएए को लागू नहीं करेंगी, लेकिन वे ऐसा नहीं कर सकते। नागरिकता का विषय केंद्र सरकार की सूची का है। इसलिए देश के हर राज्य के लिए इस कानून को लागू करने की बाध्यता है। एक प्रश्न के उत्तर में मेघवाल ने कहा कि एक अप्रैल 2020 से बीएस सिक्स श्रेणी के वाहन लागू होंगे। इससे पहले यदि कोई बीएस फोर वाहन खरीदता है तो उसकी 15 साल तक मान्यता होगी।
ताजपोशी के बाद कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल
कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत के प्रदेश अध्यक्ष पद पर ताजपोशी की सूचना की सरगर्मी के बीच वह बुधवार देर शाम देहरादून के लिए रवाना हो गए थे। पहले उनकी ताजपोशी की संभावना जताई जा रही थीं। बुधवार को कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ताओं ने विधायक भगत को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की सूचना पर खुशी जताते हुए मिठाई बांटी और विधायक के पक्ष में नारेबाजी की।
अब उनकी ताजपोशी के बाद कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है। उनका कहना है कि विधायक भगत पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और उन्हें पार्टी संगठन की अच्छी समझ है। उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाने के बाद उनके नेतृत्व में पार्टी और मजबूत बनेगी।
नाम: बंशीधर भगत
जन्म: 08 अगस्त 1951 (भक्यूड़ा -भीमताल)
निवास: लोहरियाताल, हल्द्वानी
शिक्षा: नवीं पास।
राजनीतिक सफर
-1970 में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े
-1975 में जनसंघ के सदस्य
-1989 में भाजपा के नैनीताल
- ऊधमसिंहनगर के जिलाध्यक्ष बने
-1991 में पहली बार नैनीताल से विधायक
-1993 में उप्र में राज्यमंत्री वन
-1996 में खाद्य, रसद एवं पर्वतीय विकास मंत्री
-2000 में उत्तराखंड की अंतरिम सरकार में कैबिनेट मंत्री
-2007 में कैबिनेट मंत्री
-2012 और 2017 में विधायक
बंशीधर भगत पार्टी के आठवें और अब तक के सबसे उम्र दराज प्रदेश अध्यक्ष हैं, वे 69 वर्ष के हैं। उनसे पहले जो सात नेता प्रदेश अध्यक्ष बनें, उनकी आयु उनसे कम थी। राज्य गठन के बाद पार्टी के सबसे पहले प्रदेश अध्यक्ष पूरन चंद शर्मा थे।
ये नेता अब तक रहे प्रदेश अध्यक्ष
पूरन चंद शर्मा - 2000 से 2002
मनोहर कांत ध्यानी - 2002 से 2003
भगत सिंह कोश्यारी - 2003 से 2007
बच्ची सिंह रावत - 2007 से 2009
बिशन सिंह चुफाल - 2009 से 2013
तीरथ सिंह रावत - 2013 से 2015
अजय भट्ट - 2015 से 2020
प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही राष्ट्रीय परिषद के पांच सदस्यों का भी सर्वसम्मति से चुनाव हुआ। प्रत्येक लोकसभा से एक सदस्य राष्ट्रीय परिषद के लिए चुने गए। इसमें विधायक हरबंस कपूर, ऋतु खंडूड़ी, बिंदेश गुप्ता, मदन सिंह मेहरा और राजपाल शामिल हैं।
केंद्रीय नेतृत्व ने जो दायित्व दिया है, उसे पूरी निष्ठा और कर्मठता के साथ निभाऊंगा। सबको साथ लेकर 2022 में भारी बहुमत के साथ पार्टी को जिताना और सरकार बनवाना मेरा मुख्य लक्ष्य रहेगा।
- बंशीधर भगत, नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
मैं बंशीधर भगत को प्रदेश अध्यक्ष बनने की बहुत शुभकामनाएं देता हूं। मुझे पूरी आशा है कि वे संगठन को और ऊंचे मुकाम पर ले जाएंगे। उनका लंबा राजनीतिक अनुभव संगठन को मजबूती देगा।
- त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
पार्टी ने मुझे संगठन की जो जिम्मेदारी दी, उसे मैंने पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाया। मैं केंद्रीय नेतृत्व का आभारी हूं। बंशीधर भगत को मेरी बहुत शुभकामनाएं। उनका लंबा राजनीतिक अनुभव पार्टी के लिए लाभदायक होगा। मेरा पूरा सहयोग उन्हें मिलेगा।
- अजय भट्ट, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व सांसद