उत्तराखंड भाजपा के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने अनुशासन पर अपनी दो टूक राय जाहिर कर दी। उन्होंने कहा, ‘बैक डोर से भी किसी ने गड़बड़ की तो निष्कासन के बाद मेरे रहते उसकी पार्टी में वापसी नहीं हो पाएगी। भाजपा बड़ा परिवार है, लिहाजा वहां खटर पटर हो सकती है। लेकिन ये खटर पटर परिवार तक सीमित रहनी चाहिए।’
भगत प्रदेश भाजपा कार्यालय में जगत प्रकाश नड्डा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की खुशी में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। पार्टी ने कार्यालय में बड़े जश्न की तैयारी की थी, लेकिन कश्मीर में चंपावत के जवान की आतंकी हमले में शहादत के चलते आतिशबाजी और मिष्ठान वितरण का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। इस दौरान भगत ने उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने नड्डा के राजनीतिक जीवन पर प्रकाश डाला।
2022 के विधानसभा चुनाव में टिकट को लेकर संभावित मारामारी के बारे में उन्होंने दो टूक अंदाज में कहा, टिकट एक को मिलता है। मांग करना सबका अधिकार है। लेकिन टिकट मिलने के बाद हम सब एकजुट होकर लड़ेंगे। अभी से यह मानसिकता बनानी है। जो उपयुक्त होगा, उसे टिकट मिलेगा, बाकी लोगों का उसे समर्थन मिलेगा। मुख्यमंत्री, सरकार और संगठन के समर्थन में बातचीत करनी है। भेदभाव हो सकते हैं। लेकिन बाहर कोई चीज प्रकट न हो, इसका ध्यान रखना है।
अनुशासन पर भी उन्होंने खरी-खरी बयां की। बोले, ‘एक कड़वा सच बोल रहा हूं। अब तक जो हुआ.. सो हुआ। अब अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं होगी। चेहरे सामने आएंगे तो उनको देखा जाएगा। फ्रंट से ही नहीं बैक डोर से भी पता चला कि कोई गड़बड़ कर रहा है तो उसके लिए मेरे रहते भाजपा में वापसी नहीं हो पाएगी। इसमें मैं अपने आप को भी शामिल कर रहा हूं। मैं गलती करूंगा तो दंड का भागी भी बनूंगा।’
उन्होंने कहा, ‘ये मेरा पहला उद्बोधन है, इसलिए अपनी भावनाओं को प्रकट कर रहा हूं।’ कार्यक्रम में दो मिनट का मौन रखकर कश्मीर में शहीद हुए चंपावत के जवान को श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर प्रदेश मंत्री कुलदीप कुमार, विधायक गणेश जोशी, दर्जाधारी करन बोहरा, प्रदेश मीडिया प्रमुख डॉ. देवेंद्र भसीन, सह मीडिया प्रभारी शादाब शम्स, पुष्कर सिंह काला, पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष पुनीत मित्तल, अजेंद्र अजय और सुभाष बड़थ्वाल समेत कई अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।