नड्डा पार्टी के स्तर पर चलाए जा रहे सांगठनिक कार्यक्रमों की प्रगति का भी हिसाब किताब जांचेंगे। साथ ही संगठन को नए कार्य और जिम्मेदारियां देंगे। इन संपूर्ण सांगठनिक कार्यों का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्य में भाजपा की सत्ता में वापसी, मोदी सरकार के फैसलों का प्रचार और विकास कार्यों को जन जन तक पहुंचाना होगा। साथ ही नड्डा पार्टी के आर्थिक प्रबंधन का हिसाब किताब जानेंगे। उनका आजीवन सहयोग निधि पर फोकस रहेगा।
चर्चित विवादों से कर सकते हैं नफे नुकसान आकलन
कोर कमेटी के सदस्यों व संगठन के प्रदेश पदाधिकारियों के साथ बैठक के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा उन मुद्दों को लेकर नफे नुकसान का आकलन कर सकते हैं, जिन्हें विधानसभा चुनाव में मुद्दा बना सकता है।
विधायक फर्त्याल और महेश नेगी प्रकरण
वह लोहाघाट के विधायक पूरन फर्त्याल का अपनी ही सरकार के जीरो टॉलरेंस पर सवाल उठाने का मामला हो या द्वारहाट के विधायक महेश नेगी का प्रकरण इन दोनों मुद्दों पर विपक्ष ने संगठन और सरकार पर निशाना साधा है। इन दोनों मसलों पर संगठन और सरकार को असहज होना पड़ा है।
कर्मकार बोर्ड को लेकर हरक सिंह विवाद
कर्मकार बोर्ड में कथित भ्रष्टाचार को लेकर कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत को लेकर कांग्रेस लगातार निशाना साध रही है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत कर्मकार बोर्ड की एसआईटी जांच के जरिए हरक और भाजपा सरकार दोनों पर निशाना साध रहे हैं।
कैबिनेट विस्तार में देरी, विधायकों के गिले शिकवे
विधायकों जब नड्डा से मुखातिब होने का मौका मिलेगा तो वे इशारों में ही सही कैबिनेट विस्तार में हो रही देरी का मसला उठा सकते हैं। कुछ विधायक अपने गिले-शिकवों को लेकर नड्डा से मुलाकातें कर चुके हैं। माना जा रहा है कि नड्डा इन शिकवों की भी टोह लेंगे। उनके दौरे से पहले राज्य सरकार ने कुछ दायित्व बांटे हैं।