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उत्तराखंड भाजपा: राष्ट्रीय कार्यकारिणी में राज्य के चार चेहरे शामिल, लेकिन प्रदेश के दो अहम पद खाली

Thu, 20 Aug 2026 06:50 PM IST
Alka Tyagi अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

अंकिता भंडारी हत्याकांड में छींटे पड़ने और विवादों में आने के बाद भाजपा प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम राष्ट्रीय कार्यकारिणी से ही बाहर हो गए हैं। लिहाजा, उत्तराखंड में भाजपा प्रदेश प्रभारी की कुर्सी भी फिलहाल खाली हो गई है।
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उत्तराखंड भाजपा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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विधानसभा चुनाव में लगातार तीसरी जीत की तैयारियों में जुटी भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी में बेशक उत्तराखंड के चार चेहरों को जगह मिली है लेकिन महामंत्री संगठन के बाद अब प्रदेश प्रभारी की कुर्सी भी खाली हो गई है।

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हाल ही में भाजपा ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित की है, जिसमें पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत, गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, महेंद्र पांडे, आलोक भट्ट को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं। तीरथ रावत पूर्व में भी राष्ट्रीय सचिव रह चुके हैं। अनिल बलूनी पूर्व की भूमिका में ही रहेंगे। महेंद्र पांडे भी पूर्व की भूमिका में ही हैं, आलोक भट्ट को सोशल मीडिया सह संयोजक बनाया गया है।

इधर, अंकिता भंडारी हत्याकांड में छींटे पड़ने और विवादों में आने के बाद भाजपा प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम राष्ट्रीय कार्यकारिणी से ही बाहर हो गए हैं। लिहाजा, उत्तराखंड में भाजपा प्रदेश प्रभारी की कुर्सी भी फिलहाल खाली हो गई है। वहीं, अजय कुमार की विदाई के बाद से करीब तीन माह से महामंत्री संगठन की कुर्सी भी खाली पड़ी हुई है। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर ये दोनों पद काफी अहम हैं। अब सबकी निगाहें राष्ट्रीय नेतृत्व पर हैं कि कब इनकी घोषणा हो।
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चुनाव में टिकट वितरण से लेकर एकजुटता बनाने की जिम्मेदारी
भाजपा में प्रदेश प्रभारी की भूमिका केंद्रीय नेतृत्व और राज्य संगठन के बीच मुख्य सेतु की होती है। वे राज्य में पार्टी के विस्तार, चुनावी रणनीतियों को लागू कराने और नेताओं व कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल बनाए रखने की देखरेख करते हैं। केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशों और नीतियों को राज्य तक पहुंचाना और राज्य की जमीनी रिपोर्ट केंद्र को देना भी उनका काम है। वहीं, राज्य में पार्टी संगठन को मजबूत करना, बूथ से लेकर जिला स्तर तक की गतिविधियों की समीक्षा करना, चुनाव के दौरान टिकट वितरण, रैलियों, जनसभाओं और प्रचार अभियानों की रूपरेखा तैयार करना और उसे जमीन पर उतारना, स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच मतभेदों या असंतोष को दूर कर पार्टी में एकजुटता बनाए रखने जैसी अहम जिम्मेदारी भी होती है। इसी प्रकार, महामंत्री संगठन भी पार्टी और संघ के बीच सेतु का कार्य करते हैं। बूथ स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक पार्टी के दैनिक कामकाज, अभियानों और कार्यक्रमों को सुचारू रूप से संचालन उनकी जिम्मेदारी होती है।

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