उत्तराखंड को ऑर्गेनिक स्टेट बनाने के लिए सरकार ने राज्य के पांच लाख किसानों को जैविक खेती से जोड़ने की योजना तैयार की है। जिसमें दो लाख हेक्टेयर क्षेत्र को ऑर्गेनिक खेती के अधीन लाने का लक्ष्य रखा गया है। केंद्र सरकार की नई गाइड लाइन मिलते ही राज्य में कलस्टर आधारित जैविक खेती पर काम शुरू हो जाएगा। देहरादून जिले के थानो गांव के जैविक कलस्टर को एक आदर्श कलस्टर बनाया जाएगा।
केंद्र व राज्य सरकार का उत्तराखंड को ऑर्गेनिक स्टेट का दर्जा देने पर फोकस है। प्रदेश में ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए केंद्र ने परंपरागत कृषि विकास योजना में आगामी तीन सालों के भीतर पांच लाख किसानों को जैविक खेती से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इसमें 10 हजार कलस्टर बना कर दो लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को जैविक के अधीन लाया जाएगा। 20 हेक्टेयर का एक कलस्टर होगा। जिसमें 50 किसानों का समूह बनाकर जैविक विधि से फसलों का उत्पादन कराया जाएगा।
सरकार ने ऑर्गेनिक खेती के लिए योजना तैयार कर ली, लेकिन इसी बीच केंद्र सरकार ने परंपरागत कृषि विकास योजना की गाइड लाइन में बदलाव कर दिया। केंद्र की अधिसूचना मिलने के बाद राज्य में ऑर्गेनिक खेती पर काम शुरू हो जाएगा। अभी तक प्रदेश में 585 कलस्टरों में करीब 80 हजार किसान ऑर्गेनिक खेती कर रहे हैं। उधर कृषि मंत्री सुबोध उनियाल का कहना है कि प्रदेश सरकार किसानों को ऑर्गेनिक खेती के लिए प्रोत्साहित करेगी। साथ ही किसानों के ऑर्गेनिक उत्पादों की मार्केटिंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित करेगी। ताकि किसानों को अपने उत्पाद का उचित दाम मिले सके।
केंद्रीय टीम ने किया ऑर्गेनिक कलस्टरों का निरीक्षण
नेशनल ऑर्गेनिक सेंटर के क्षेत्रीय निदेशक डॉ.तपन कुमार घोष की अगुवाई में केंद्रीय टीम ने राज्य में ऑर्गेनिक खेती में किए जा रहे कार्यों का जायजा लिया। टीम ने थानो, भूपालपानी, टिहरी के नरेंद्रनगर आदि क्षेत्रों का दौरा कर जैविक कलस्टरों का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने जैविक खेती करने वाले किसानों से भी फीडबैक लिया। इस दौरान संयुक्त निदेशक जैविक एके उपाध्यक्ष, उत्तराखंड जैविक विकास परिषद के प्रबंध निदेशक विनय कुमार आदि मौजूद रहे।