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टॉलीवुड में पहाड़ की इस सुंदरी ने बिखेरे जलवे, पढ़ाई में भी है अव्वल

Tue, 30 May 2017 03:20 PM IST
कैलाश पाठक/ अमर उजाला, हल्द्वानी
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शुभांगी पंत
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ठेठ कुमाऊंनी संस्कृति और माहौल में पली बढ़ी अपने जिले की शुभांगी पंत तमिल फिल्मों में अपने अभिनय के जलवे बिखेर रही है।
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अब तक वह तमिल की गई फिल्मों में काम कर चुकी हैं। मूलरूप से नैनीताल निवासी शुभांगी की मां इंद्रा पंत भी तमिल फिल्मों की गायिका हैं। वह कुमाऊं की पहली फिल्म ‘मेघा आ’ में गजल सिंगर भी रही हैं।

यहां मानव विकास संस्थान अध्यक्ष विक्की योगी की ओर से आयोजित फिल्म कार्यशाला में भाग लेने आईं शुभांगी पंत ने बताया कि उनके पिता रजत कुमार एयरफोर्स में नागपुर में तैनात थे। वह बचपन में ही वहां चलीं गईं।
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बीटेक की पढ़ाई की और उसमें टॉपर रहीं शुभांगी

shubhangi pant
पिता का स्थानांतरण हैदराबाद होने के बाद शुभांगी ने वहीं बीटेक की पढ़ाई की और उसमें टॉपर रहीं। बचपन से ही फिल्मों का शौक था। उन्होंने तमिल भाषा सीखने के बाद तमिल फिल्मों में काम करना शुरू किया।

उन्होंने तमिल में ‘अटु इटु कानी हृदयम’ यानी दिल न इधर का न उधर का, ‘आयुष्मान भव:,’‘ऐसा भी होता है,’ ‘सीता कानी चिलुका एक प्रेम कहानी’ फिल्मों में नायिका की भूमिका अदा की है। शुभांगी कुमाऊंनी, तेलगू के अलावा बंगाली, मराठी, असामी, पंजाबी भाषा भी बखूबी बोल लेती हैं। 

और रुद्रपुर की कविता का हरियाणा में जलवा
लालपुर (रुद्रपुर) की रहने वाली कविता जोशी हरियाणवी फिल्मों में जलवे बिखेर रही है। वह ‘नटखट’, ‘लाट साहब’, ‘कुनबा’,  हिंदी में ‘हद हो गई’, ‘फक्कड़’, ‘पल दो पल का प्यार’, ‘डियर वर्सेज वियर’, ‘लवर’, ‘वैभव लक्ष्मी’ आदि फिल्मों में अभिनय कर चुकी हैं। इसके अलावा पंजाबी, हरियाणवी और कुमाऊंनी गीतों के एलबम भी निकाले हैं। उनकी प्रसिद्ध कुमाऊंनी एलबम ‘हिटौ कुमाऊं गढ़वाल’ है। कविता की माता पेशे से शिक्षिका हैं। उन्हें फिल्मों का बचपन से ही शौक था। रुद्रपुर से उन्होंने एमकॉम तक शिक्षा प्राप्त की।
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