वित्तीय क्षति नहीं हुई
जांच रिपोर्ट में पाया कि जिला पंचायत को टेंडर में गड़बड़ी से वित्तीय क्षति तो नहीं हुई ,लेकिन जिला पंचायत अध्यक्ष ने निविदा समिति की सिफारिश की अनदेखी की। न्यूनतम बोलीदाता से इतर सबसे अधिक बोली लगाने वाली निविदाओं को मंजूरी दी। कतिपय कार्यों में तो एकमात्र निविदा को स्वीकृति दी गई। समिति ने इसे अधिप्राप्ति नियमावली के प्रावधानों और वित्तीय नियमों के प्रतिकूल माना। पंचायती राज अधिनियम के तहत यह भी आरोप है कि जिला पंचायत अध्यक्ष ने अपारदर्शी तरीके से कार्य किया और पंचायती राज व्यवस्था की साख को अपूरणीय क्षति पहुंचाई।
सिंगल टेंडर पर दे दिए ये काम
घटूगाड़-पिंडावाली गधेरे पर पुलिया निर्माण, ग्राम सभा सुभाई में भविष्य बदरी मार्ग निर्माण, त्रिशुला लोह गार्डर पुल का निर्माण