मंत्री के करीबियों को मनमाफिक नौकरी देने के मामले में शासन ने आयुर्वेद विवि कुलपति से जवाब तलब किया है। उन्होंने कुलपति से तीन दिन के भीतर पूरे मामले में रिपोर्ट मांगी है। आयुष सचिव ने साफ किया कि इस तरह की कोई भी भर्ती उनके संज्ञान में नहीं थी।
अमर उजाला में चार अक्तूबर के अंक में पृष्ठ तीन पर ‘यह कैसा संयोग, सिर्फ मंत्री के करीबी योग्य’ खबर प्रकाशित की गई थी। खबर का संज्ञान लेते हुए बृहस्पतिवार को आयुष सचिव आरके सुधांशु ने आयुर्वेद विवि के कुलपति प्रो. अभिमन्यु कुमार से जवाब तलब कर लिया। उन्होंने कुलपति से सभी पदों पर भर्ती की पूरी प्रक्रिया, भर्ती को बनी समिति, पदों के सृजित होने का स्टेटस, शासनादेश का उल्लंघन आदि मुद्दों पर जवाब मांगा है। तीन दिन के भीतर कुलपति को अपना जवाब शासन को भेजना होगा।
यह था मामला
दरअसल, आयुर्वेद विवि में इंजीनियर के पद पर भर्ती होने वाली आंचल रावत को आयुष मंत्री हरक सिंह रावत की रिश्तेदार बताया जा रहा है। इसी प्रकार, मेडिकल रिकॉर्ड टेक्नीशियन के पद पर भर्ती होने वाली पिंकी को आयुष मंत्री हरक सिंह रावत के पीआरओ नरेंद्र सेमवाल की पत्नी हैं। आरोप है कि भर्तियों का विज्ञापन समाचार पत्रों के बजाए केवल वेबसाइट पर जारी किया गया। शासन से जो चयन समिति बनी हुई है, उसके बजाय कुलपति ने अपने स्तर से ही समिति बना दीं। शासन की अनुमति के बिना तमाम पद बनाकर उन पर भर्तियां कर दी गईं। इन भर्तियों में विवि के एक्ट के साथ ही मुख्य सचिव के शासनादेश का उल्लंघन किया गया है।
आयुर्वेद विवि में हाल फिलहाल में कोई पद सृजित नहीं हुआ है। भर्तियां भी शासन के संज्ञान में नहीं थी। हमने कुलपति से सभी बिंदुओं पर जवाब मांगा है। जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-आरके सुधांशु, सचिव, आयुष