पूर्व में आयुर्वेद विश्वविद्यालय में कुलसचिव रहे राजेश कुमार वर्तमान में थैलीसैंण में राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय में तैनात हैं। कुलसचिव ने एचएनबी विश्वविद्यालय से फर्जीवाड़े की जांच कर कार्रवाई करने का अनुरोध किया। कुलसचिव डॉ. मृत्युंजय कुमार फिलहाल सचिव आयुष कार्यालय में संबद्ध हैं। शिकायत का संज्ञान लेते हुए एचएनबी विश्वविद्यालय ने ऋषिकुल आयुर्वेद कॉलेज के प्राचार्य से 15 दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी है।
शिकायत मिलने पर अधिकारियों को मामले में डॉ. राजेश कुमार से जवाब लेने के निर्देश दिए गए हैं। जवाब आने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. पंकज कुमार पांडेय, सचिव आयुष।
मैंने बीएएमएस की डिग्री और योग में पीजी डिप्लोमा किया है। पीजी डिप्लोमा का सरकारी सेवाओं के लिए कोई इस्तेमाल नहीं किया है। सभी आरोप निराधार हैं।
-डॉ. राजेश कुमार, पूर्व कुलसचिव।