शुक्रवार सुबह जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो विपक्ष ने गैरसैंण राजधानी को लेकर सरकार से रुख जानने के लिए नियम 310 में चर्चा कराने की मांग की। स्पीकर ने विपक्ष की सूचना को नियम 58 में सुनने की अनुमति दी। भोजनावकाश के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश ने प्रश्न किया कि सरकार स्पष्ट करे कि वह गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाना चाहती है या स्थायी राजधानी। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के उस बयान का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने की बात कही थी।
कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह, गोविंद सिंह कुंजवाल, मनोज रावत, ममता राकेश, आदेश चौहान ने भी सवाल उठाए की स्थायी राजधानी पर प्रदेश में असमंजस की स्थिति है। डबल इंजन की सरकार इस दुविधा का निदान करे कि गैरसैंण कौन सी राजधानी बनेगी? इस पर संसदीय कार्यमंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि गैरसैंण को लेकर एक रोड मैप तैयार हो रहा है। विधानमंडल भवन का काम पूरा करेंगे। वहां झील निर्माण समेत अवस्थापना के कई कार्य होंगे। लेकिन विपक्ष बार-बार यह पूछता रहा कि गैरसैंण को राजधानी बनाने पर सरकार का क्या रुख है? इस सवाल का जवाब न मिलने से नाराज विपक्षी विधायक सदन से वाक आउट कर गए।
विधानसभा में सरकार ने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (संशोधन) विधेयक 2018 वापस ले लिया। सरकार इसे सदन में पारित कराने के लिए लाई थी, लेकिन अचानक उसने इरादा बदल दिया। बताया जा रहा है कि इस विधेयक को कुछ सुझावों के साथ राजभवन ने लौटा दिया था।
सदन में पास हुए ये विधेयक
- उत्तराखंड विनियोग (2018-2019 का प्रथम अनुपूरक) विधेयक 2018
- उत्तराखंड (उत्तरप्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम 1950) संशोधन विधेयक 2018
- उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2018
एनडी तिवारी और अनंत कुमार को श्रद्धांजलि
चार दिन चले सत्र के पहले दिन पूर्व मुख्यमंत्री स्व.एनडी तिवारी को सदन ने श्रद्धांजलि दी और उन्हें याद किया। सत्र स्थगन के दिन सदन ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय अनंत कुमार को भी याद किया।