उत्तराखंड में तीन दिन के विधानसभा सत्र में पक्ष और विपक्ष के बीच खींचतान के साथ ही हंगामें के आसार हैं। बुधवार को कांग्रेस विधायकों से वर्चुअल प्लेटफार्म पर सीधे बात करने के बाद नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने इसके साफ संकेत दिए।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विपक्ष सरकार से सत्र का समय बढ़ाने की भी मांग करेगा। विधायकों के अपने क्षेत्र से लेकर अन्य कई महत्वपूर्ण मामले हैं जिन पर वे सदन का ध्यान खींचना चाहेंगे। सरकार अनुपूरक बजट पास करवाने तक ही सत्र को सीमित करने की कोशिश में है। विपक्ष की ओर से कार्यस्थगन के प्रस्ताव भी लाए जाएंगे और जरूरी मुद्दों पर सरकार की घेराबंदी भी की जाएगी।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बहुत सारे मुद्दे हैं जिनपर सरकार को जवाब देना होगा। बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दे तो हैं ही। इसके साथ ही मुख्यमंत्री के स्टिंग से जुड़े मामले, श्रम विभाग में अनियमितताएं आदि मुद्दे हैं जिनपर स्थिति स्पष्ट करने से सरकार लगातार बच रही है।
21 को विधानसभा घेराव का भी ऐलान
ऐसा नहीं है कि यह हंगामा सिर्फ विधानसभा के अंदर होगा। विधानसा के बाहर भी कांग्रेस अपने युवा संगठन और छात्र संगठन के बल पर गरजेगी। दोनों ही संगठनों ने महंगाई, बेरोजगारी के मुद्दे पर विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। इसके अलावा कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव भी 21 दिसंबर को देहरादून में मौजूद रहेंगे। जाहिर है कि प्रभारी की मौजूदगी के कारण पीसीसी भी सक्रिय रहेगी।