नारी सशक्तीकरण के लिए जेंडर बजट में बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री धामी ने कहा पिछले 11 वर्षों में जेंडर बजट में पांच गुना से अधिक की वृद्धि हुई है। वर्ष 2026-27 के बजट में महिलाओं और बालिकाओं के कल्याण के लिए पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 12 प्रतिशत अधिक है। महिला-पुरुष लिंगानुपात में 12 अंकों की वृद्धि हुई है। संस्थागत प्रसव 61 प्रतिशत से बढ़कर 97 प्रतिशत हो गया है। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 8.2 प्रतिशत की उच्च ब्याज दर के साथ टैक्स फ्री बचत की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। अब तक चार करोड़ से अधिक खाते खोले जा चुके हैं और 3.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा हो चुकी है। यह काम कांग्रेस के समय भी हो सकते थे। राज्य सरकार ने इस वर्ष जेंडर बजट के तहत लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 16 प्रतिशत अधिक है।
उत्तराखंड में बढ़ जाती 105 सीटें, विपक्ष का कुछ नहीं जाता
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि परिसीमन के बाद उत्तराखंड विधानसभा में कुल सीटों की संख्या 105 हो सकती थी, जिसमें से 35 महिलाओं के लिए आरक्षित हो सकती थी। इसी तरह सांसदों कि संख्या भी 5 से बढ़कर 7 या 8 हो जाती, इससे हर किसी का फायदा ही था, फिर भी विपक्ष ने बिल पास नहीं होने दिया। सीटें बढ़ने से विपक्ष का कुछ नहीं जाता। इतना जरूर था कि सामान्य घरों से महिलाएं राजनीति में आ जाती तो कुछ दलों की वंशवादी राजनीति की दुकानें बंद हो जाएंगी।
एक दिन जरूर पूरा होगा संकल्प
सीएम धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए राज्य में सर्वप्रथम समान नागरिक संहिता को लागू करने का ऐतिहासिक कार्य किया है। यूसीसी से मुस्लिम महिलाओं को हलाला, इद्दत, बहुविवाह, बाल विवाह और तीन तलाक जैसी कुरीतियों से मुक्ति मिली है। अब यूसीसी की मांग पूरे देश में उठ रही है। प्रधानमंत्री मोदी की सरकार देश की आधी आबादी को उनका पूरा अधिकार दिलाने का ऐतिहासिक कार्य भी अवश्य करेगी।