वाद का विरोधी, सरोकारों का समर्थक : चौहान
भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि वह किसी भी वाद के सख्त विरोधी हैं लेकिन पहाड़ के सरोकारों के समर्थक हैं। उत्तराखंड कोई धर्मशाला नहीं कि कोई भी यहां आकर जाति प्रमाणपत्र बना ले और नौकरी लगवा ले। उन्होंने छुटभैया राजनीति से बाहर निकलने की बात की। कहा कि राष्ट्रपति ने हमारी रग पर हाथ रखा। उनका संबोधन हम सबके लिए प्रेरणा है। कहा, उत्तराखंड की डेमोग्राफिक प्रोफाइल लगातार बदल रही है। बनभूलपुरा जैसी नरक की स्थिति नहीं बनने देनी चाहिए। हम उत्तराखंड की मौलिकता से समझौता नहीं कर सकते। भू-कानून के बारे में और गंभीरता से सोचना होगा।
हमने पहाड़ के तीन नेता लोकसभा भेजे : शहजाद
बसपा विधायक मोहम्मद शहजाद ने कहा कि हमने पहाड़ के तीन नेताओं को जिताकर लोकसभा भेजा है, हमारी मानसिकता गलत नहीं है। पहाड़ से विधायक बनते ही देहरादून, हल्द्वानी में मकान बना लेते हैं। कहा कि बार-बार डेमोग्राफी बदलने की बात कर रहे हैं, हमारी भी चिंता करें। दूसरे राज्य वालों के प्रमाणपत्र कैस बन रहे हैं। हम सब उत्तराखंड निवासी हैं, प्रदेश के विकास की बात करनी होगी। उन्होंने ये भी कहा कि सरकार ने मजार तोड़कर जो 9000 एकड़ भूमि कब्जामुक्त कराई, उसे गरीबों को पट्टे पर दी जाए। लक्सर विधानसभा क्षेत्र के लिए विशेष राज्य सेक्टर में पैकेज मांगा।
पहाड़ मैदान छोड़ो, उत्तराखंड को जोड़ो : रवि बहादुर
कांग्रेस विधायक रवि बहादुर ने सदन में भविष्य के रोडमैप के बजाय पहाड़-मैदान पर चर्चा पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि पहाड़ मैदान छोड़ो, उत्तराखंड जोड़ो। कहा, राज्य बनने के बाद से आज तक सफाईकर्मियों का वेतन नहीं बढ़ाया जा सका। वह आज भी गंभीर आर्थिक संकट के बीच जीवनयापन कर रहे हैं। कहा, रजत जयंती पर विशेष सत्र हुआ तो आपदा पर क्यों नहीं किया गया।