इसके बाद सत्ता पक्ष के विधायकों ने सदन के बाहर रैली निकालकर विपक्ष का विरोध जताया। उनका कहना था कि कांग्रेस विधायकों ने लोकतंत्र का अपमान किया है। लोकतांत्रिक प्रक्रिया की गरिमा को तार-तार किया है। भाजपा के रुद्रप्रयाग विधायक भरत चौधरी का कहना था कि जिस तरह से विपक्ष ने गैर जिम्मेदाराना हरकत सदन के अंदर की है। सदन की संपत्ति को क्षति पहुंचाई है। चर्चा से वो भाग रहे हैं, पंचायत चुनाव में मिली हुई शिकस्त से वो बुरी तरह बौखलाए हुए हैं। उसी बौखलाहट का नतीजा है कि उन्होंने सदन को चलने नहीं दिया।
विधायक सुरेश गडिया का कहना था कि धराली आपदा से बहुत नुकसान हुआ है। हमारे लोग कष्ट में हैं। हम सब लोग चाहते थे कि सत्र ठीक चले और उन लोगों के लिए यहां से कुछ अच्छा पैकेज मिले। लेकिन कांग्रेस ने सदन नहीं चलने दिया। विधायक सरिता आर्य का कहना था कि हम चाहते थे कि सभी मु्द्दों पर चर्चा हो लेकिन विपक्ष ने सदन नहीं चलने दिया। सरकार ने इतना खर्च किया लेकिन विपक्ष ने आपदा तक पर चर्चा नहीं होने दी।