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उत्तराखंड विधानसभा सत्र: विपक्ष के रुख पर भाजपा के विधायक भी विरोध में उतरे, हाथों में तख्तियां लेकर पहुंचे

Wed, 20 Aug 2025 08:07 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, भराड़ीसैंण

सार

जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो विपक्ष के विरोध के बीच सत्ता पक्ष के विधायक भी उग्र नजर आए। उनका कहना था कि कांग्रेस सदन के भीतर अमर्यादित व्यवहार कर रही है। कांग्रेस के विधायक यहां केवल पिकनिक मनाने आए हैं।
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हाथों में तख्तियां लिए भाजपा नेता - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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विस्तार
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मानसून सत्र में विपक्ष के रुख को देखते हुए पहले दिन शांत रहने वाले सत्ता पक्ष के विधायक दूसरे दिन उनके विरोध में उतर आए। भाजपा विधायकों ने जहां सदन में तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया तो पहली बार सदन के बाहर भी रैली निकालकर विपक्ष का विरोध जताया।

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बुधवार को सुबह जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो विपक्ष के विरोध के बीच सत्ता पक्ष के विधायक भी उग्र नजर आए। उनका कहना था कि कांग्रेस सदन के भीतर अमर्यादित व्यवहार कर रही है। कांग्रेस के विधायक यहां केवल पिकनिक मनाने आए हैं। जनहित का एक भी मुद्दा कांग्रेस ने नहीं उठाया। धराली आपदा और राज्य के विकास के विषयों से कांग्रेस भाग रही है।

सत्ता पक्ष के विधायक हाथ में तख्तियां लेकर सदन में पहुंचे, जिस पर कांग्रेस विरोधी स्लोगन लिखे थे। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण के निर्देश के बाद सभी तख्तियां हटाई गईं। विपक्ष के विरोध के बीच लगातार सत्तापक्ष के विधायक भी बोलते रहे। कई बार छींटाकशी भी हुई, जिसमें दोनों के बीच विवाद की स्थिति पैदा हुई। हालांकि संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल के बीच-बचाव करने के बाद मामला शांत हो गया।
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इसके बाद सत्ता पक्ष के विधायकों ने सदन के बाहर रैली निकालकर विपक्ष का विरोध जताया। उनका कहना था कि कांग्रेस विधायकों ने लोकतंत्र का अपमान किया है। लोकतांत्रिक प्रक्रिया की गरिमा को तार-तार किया है। भाजपा के रुद्रप्रयाग विधायक भरत चौधरी का कहना था कि जिस तरह से विपक्ष ने गैर जिम्मेदाराना हरकत सदन के अंदर की है। सदन की संपत्ति को क्षति पहुंचाई है। चर्चा से वो भाग रहे हैं, पंचायत चुनाव में मिली हुई शिकस्त से वो बुरी तरह बौखलाए हुए हैं। उसी बौखलाहट का नतीजा है कि उन्होंने सदन को चलने नहीं दिया।

विधायक सुरेश गडिया का कहना था कि धराली आपदा से बहुत नुकसान हुआ है। हमारे लोग कष्ट में हैं। हम सब लोग चाहते थे कि सत्र ठीक चले और उन लोगों के लिए यहां से कुछ अच्छा पैकेज मिले। लेकिन कांग्रेस ने सदन नहीं चलने दिया। विधायक सरिता आर्य का कहना था कि हम चाहते थे कि सभी मु्द्दों पर चर्चा हो लेकिन विपक्ष ने सदन नहीं चलने दिया। सरकार ने इतना खर्च किया लेकिन विपक्ष ने आपदा तक पर चर्चा नहीं होने दी।
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