यशपाल आर्य: कुनबे को एकजुट रखना और मुद्दों को भुनाना
सदन में विपक्ष की रणनीति की कमान नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के हाथों में होगी। सियासी जानकारों का मानना है कि विपक्ष के पास मुद्दों की कोई कमी नहीं है। लोकसेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्ती परीक्षा घोटाला, रोजगार, देहरादून लाठीचार्ज, कानून व्यवस्था का मुद्दा है। आर्य के सामने एक प्रमुख चुनौती अपने कुनबे को एकजुट रखने की भी होगी। सदन के बाहर कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा मोर्चा लेंगे। उनके नेतृत्व कांग्रेसी सत्र के पहले दिन सोमवार को गैरसैंण कूच करेंगे।
ऋतु भूषण खंडूड़ी: कठिन हालात में सत्र कराने की चुनौती
भराड़ीसैंण में सत्र कराने का पूरा दारोमदार विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूड़ी पर है। गैरसैंण में उनका यह पहला सत्र है। लेकिन उनके लिए परिस्थितियां उतनी अनुकूल नहीं हैं। बैकडोर से लगे 228 कर्मचारियों को हटाने के बाद उनकी टीम में कर्मचारियों की सीमित संख्या है। सत्तापक्ष से लेकर विपक्षी सदस्यों, अधिकारियों, कर्मचारियों के लिए आवासीय व अन्य व्यवस्थाएं जुटाना देहरादून जितना सहज नहीं है। सदन को संचालित करने के साथ व्यवस्थाओं को लेकर भी यह सत्र स्पीकर के नेतृत्व कौशल की परीक्षा लेगा।