विधानसभा सत्र शनिवार को भी संचालित होगा। कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में इस पर सहमति बनी। बैठक में राज्यपाल के अभिभाषण एवं सदन के संचालन से जुड़े विषयों पर गहन चर्चा हुई। इस बार विधानसभा सत्र 10 मार्च तक संचालित होना है। सत्र के मध्य में शनिवार और रविवार भी पड़ेंगे। आमतौर पर शनिवार को सदन संचालित नहीं होता है, लेकिन कार्यमंत्रणा की बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई और तय हुआ कि शनिवार को सत्र संचालित किया जाएगा।
विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक, नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश, विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल, विधायक खजानदास व विधानसभा के प्रभारी सचिव मुकेश कुमार सिंघल और प्रमुख सचिव विधायी हीरा सिंह बोनाल शामिल हुए। कार्यमंत्रणा समिति की बैठक के बाद सर्वदलीय बैठक हुई।
इस बैठक में संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने सदन की कार्यवाही को शांतिपूर्ण और निर्विघ्न संचालित करने के लिए रचनात्मक सहयोग की अपील की। विपक्ष की ओर से संसदीय कार्यमंत्री इंदिरा हृदयेश ने कहा कि जन सरोकारों से जुड़े विषयों को पूरी शिद्दत के साथ उठाया जाएगा। उन्होंने अपेक्षा की कि विपक्ष द्वारा उठाए गए विषयों के उन्हें संतोषजनक जवाब मिलेंगे।
राज्यपाल के अभिभाषण का विरोध करेगी कांग्रेस
कांग्रेस ने ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में बजट सत्र के पहले दिन पेश होने वाले राज्यपाल के अभिभाषण का विरोध करने का फैसला लिया है। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश का कहना है कि राज्यपाल का अभिभाषण सरकारी दस्तावेज है और सरकार से विपक्ष पूरी तरह से असंतुष्ट है।
कांग्रेस की गैरसैंण में बजट सत्र के पहले दिन से ही सरकार के प्रति आक्रामक रुख दिखाने की तैयारी है। इस विरोध को तीखे तरीके से पेश करने के लिए कांग्रेस ने राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान हंगामा करने और इसके बाद सदन से बहिर्गमन करने का फैसला लिया है।
वहीं, देर रात तक कई विधायकों के न पहुंचने के कारण कांग्रेस विधायक दल की बैठक तय समय पर नहीं हो पाई। सदन में सोमवार को राज्यपाल का अभिभाषण होगा और इसके बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार को शुरू होगी। सोमवार को प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं होगा। लिहाजा विपक्ष के लिए विरोध जताने का और अधिक मौका भी नहीं है।
राज्यपाल का अभिभाषण सरकार का दस्तावेज है, यह झूठ का पुलिंदा है। महंगाई, सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दों पर इसमें सरकार का दृष्टिकोण सामने आया ही नहीं है, हम इसका विरोध करेंगे। कांग्रेस सदन से बहिर्गमन भी करेगी। जितना हो सकता है, उतना हंगामा विपक्ष करेगा।
- इंदिरा हृदयेश, नेता प्रतिपक्ष
कांग्रेस का रुख रहेगा आक्रामक
सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। कांग्रेस सत्र के दौरान कार्यस्थगन प्रस्ताव से लेकर शून्यकाल, प्रश्नकाल के जरिये सरकार की कमियों को सामने लाने का काम करेगी।
- प्रीतम सिंह, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को फिर सवालों से बचा लिया गया है। आखिर क्या वजह है कि सोमवार को मुख्यमंत्री के विभागों से संबंधित सवालों का दिन है। इस दिन राज्यपाल का अभिभाषण होगा और सदन की कार्यवाही समाप्त हो जाएगी। एक दिन पहले से सत्र शुरू कर लेते। मुख्यमंत्री के पास 55 विभाग हैं, साफ है सरकार सवालों से बच रही है। कांग्रेस विरोध तो जताएगी ही।
-करन माहरा, उपनेता, कांग्रेस विधायक दल