कृषि क्षेत्रफल 15 प्रतिशत घटा, उत्पादकता बढ़ी
राज्य गठन के बाद प्रदेश में कृषि क्षेत्रफल में 15 प्रतिशत की कमी आई है, लेकिन फसलों की उत्पादकता बढ़ी है। सरकार की ओर से चार सालों में कृषि क्षेत्र में किए गए सौ से ज्यादा सुधारों से उत्पादकता बढ़ रही है। प्रश्नकाल में विधायक धन सिंह नेगी के सवाल के जवाब में कृषि एवं उद्यान मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि प्रदेश में आठ लाख से अधिक काश्तकार खेतीबाड़ी करते हैं। राज्य गठन के बाद से कृषि क्षेत्रफल में 15 प्रतिशत की कमी आई है। सरकार के प्रयासों और योजनाओं से फसलों की उत्पादकता बढ़ रही है।
पहले जहां प्रदेश में कुल कृषि क्षेत्र के आठ प्रतिशत पर जैविक खेती होती थी, वहीं वर्तमान में 31 प्रतिशत कृषि क्षेत्र में चार लाख से ज्यादा किसान जैविक खेती से जुड़े हैं। प्रदेश में कृषि में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार ने 1444 फार्म मशीनरी बैंक स्थापित किए हैं। मंत्री ने कहा कि कृषि उत्पादों का न्यूनतम समर्थन मूल्य केंद्र की ओर से तय किया जाता है। वर्ष 2019-20 में प्रदेश में 18.86 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न का उत्पादन किया गया। जबकि 2020-21 में अब तक 19.69 लाख मीट्रिक टन उत्पादन हुआ है।
मृदा परीक्षण से 25 प्रतिशत कम हुई उर्वरकों की खपत
विधायक प्रीतम सिंह पंवार के सवाल पर कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश में रसायन उर्वरकों के इस्तेमाल से उत्पादन कम नहीं हुआ है। प्रदेश में सभी किसानों को मृदा कार्ड जारी किए गए। पहले जहां 4.33 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों की खपत थी, वो घट कर 3.34 लाख मीट्रिक टन हो गई है। खपत कम होने से 202 करोड़ के राजस्व की बचत हुई है।
75 प्रतिशत सब्सिडी पर एंटी हेलनेट
कृषि मंत्री ने सदन को जानकारी दी कि बागवानी फसलों को ओलावृष्टि से बचाने के लिए सरकार ने दो स्थानों पर एंटी हेलगन लगाने का निर्णय लिया है। इसके लिए हिमाचल से एंटी हेलगन के परिणाम का परीक्षण किया गया। जिसमें ओलावृष्टि से बचाव में अच्छे नतीजे नहीं मिले। अब सरकार 75 प्रतिशत सब्सिडी पर किसानों को एंटी हेलनेट उपलब्ध करा रही है। इस पर भाजपा विधायक गणेश जोशी और कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने भी सवाल उठाए।
रुद्रप्रयाग जिले के चिरबटिया स्थित कृषि औद्यानिक महाविद्यालय के निर्माण कार्य में देरी की सरकार जांच कराएगी। पिछले कई सालों से महाविद्यालय का भवन निर्माण कार्य बंद पड़ा है। जिससे डिग्री या डिप्लोमा कोर्स संचालित नहीं हो रहे हैं।
शुक्रवार को प्रश्नकाल में रुद्रप्रयाग के भाजपा विधायक भरत सिंह चौधरी ने कृषि औद्यानिक महाविद्यालय का निर्माण कार्य बंद होने का सवाल उठाया। जवाब में कृषि मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत महाविद्यालय में फेब्रिकेटेड प्रशासनिक भवन व चैनलिंग फैसिंग का कार्य किया। कार्यदायी संस्था की ओर से पुनरीक्षित आगणन (एस्टीमेट) का प्रस्ताव भेजा है।
कृषि विश्वविद्यालय की ओर से वर्ष 2016 में प्रस्ताव को अनुमोदित किया गया था, लेकिन इसे शासन स्तर पर सही ढंग से प्रस्तुत नहीं किया गया। इस पर अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। निर्माण कार्य में देरी की जांच की जाएगी। पुनरीक्षित प्राकलन की स्वीकृति के बाद धन की व्यवस्था कर निर्माण कार्य किया जाएगा। उत्तर प्रदेश निर्माण निगम के माध्यम से भवन का निर्माण कार्य किया जा रहा था। अब सरकार ने निगम से कार्यदायी संस्था की सूची से बाहर कर दिया, लेकिन महाविद्यालय भवन का निर्माण कार्य निगम के माध्यम से कराया जाएगा।
भाजपा विधायक मुकेश कोहली ने सवाल किया कि औद्यानिक विश्वविद्यालय भरसार में कुलपति के बैठने का दिन तय किया जाए। इस पर मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि वर्तमान में विश्वद्यालय के पांच कैंपस संचालित है। जिससे कुलपति को सभी कैंपस में जाना पड़ता है।
कृषि एवं उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि उद्योग विभाग के माध्यम से ऊधमसिंह नगर जिले के काशीपुर में एरोमा पार्क विकसित किया जा रहा है। इस पार्क में 50 प्रोसेसिंग उद्योग लगाए जाएंगे। वर्तमान में एक उद्योग स्थापित है। उद्योगों की मांग पर एरोमा पार्क में भूमि आवंटन के लिए रेट कम करने पर विचार किया जा रहा है।
भराड़ीसैंण में चल रहे बजट सत्र के पांचवें दिन प्रश्न काल में झबरेड़ा के विधायक देशराज कर्णवाल के सवाल के जवाब में कृषि एवं उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल ने सदन को अवगत कराया कि उद्योग विभाग की ओर से एरोमा पार्क नीति बनाई गई है। सिडकुल के माध्यम से काशीपुर में 40 एकड़ भूमि पर एरोमा पार्क विकसित किया जा रहा है। पहले पार्क में प्लाट के रेट 3200 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय की थी।
उद्योगों की मांग है कि रेट को कम कर 2500 रुपये प्रति वर्ग मीटर किया जाएत, इस पर विचार चल रहा है। एरोमा पार्क में प्रोसेसिंग उद्योग लगने से किसानों को उत्पाद का उचित मूल्य मिलेगा। एरोमा पार्क में प्लांट व मशीनरी पर किए अचल पूंजी निवेश पर उद्योगों को 40 प्रतिशत या अधिक 40 लाख तक निवेश प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। ब्यूरो
ओलावृष्टि से प्रदेश में बागवानी फसलों को आंशिक नुकसान
कृषि एवं उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि वर्ष 2019-20 में ओलावृष्टि व बारिश से आंशिक नुकसान हुआ है। सरकार की ओर से आपदा प्रबंधन के मानकों के अनुसार किसानों को 1.10 करोड़ का मुआवजा दिया गया। विधायक राम सिंह कैड़ा के सवाल पर कृषि मंत्री ने सदन में कहा कि ओलावृष्टि व बारिश से होने फसलों को होने वाले नुकसान आकलन करने की दो तरह की व्यवस्था है। मौसम आधारित और क्रॉप कटिंग से नुकसान का आकलन किया जाता है। वर्ष 2019-20 में ओलावृष्टि से आंशिक नुकसान हुआ है।
कृषि अवसंरचना निधि से 785 करोड़ का वित्तीय लक्ष्य निर्धारित किया गया। उत्तरकाशी के आराकोट में 13 करोड़ की लागत से कोल्ड स्टोर स्थापित किया जाएगा। इसके लिए कार्यदायी संस्था मंडी परिषद के माध्यम से शीघ्र प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
प्रश्नकाल में विधायक प्रीतम सिंह पंवार के सवाल के जवाब में कृषि मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि नौथा में एग्रो क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। कृषि अवसंरचना निधि के तहत प्रदेश में 785 करोड़ का वित्तीय लक्ष्य रखा गया। जिसमें फसलों की कटाई बाद प्रबंधन के लिए फार्म गेट, प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां, कृषि उत्पाद संगठन, कृषि उद्यमी, स्टार्टअप, बहुउद्देशीय सहकारी समितियों को कृषि अवस्थापना विकास के लिए सात साल तक ऋण पर तीन प्रतिशत ब्याज छूट अधिकतम दो करोड़ की ऋण राशि पर दी जाएगी।
कौसानी की चाय फैक्ट्री को दोबारा शुरू करेगी सरकार
प्रदेश सरकार ने कौसानी क्षेत्र कोे चाय उत्पादन के रूप में विकसित करने के लिए चाय विकास बोर्ड की ओर से वित्तीय वर्ष में 2021-22 में 7.27 करोड़ धनराशि की व्यवस्था की है। कौसानी चाय फैक्ट्री को सरकार दोबारा शुरू करेगी। इसके लिए फैक्ट्री प्रबंधन से वार्ता की जा रही है।
मार्च तक होगी नए डाक्टरों की तैनाती : कौशिक
प्रदेश में मार्च महीने तक नए डाक्टरों की तैनाती हो जाएगी। संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने यह जानकारी दी। कार्यस्थगन प्रस्ताव के जवाब में उन्होंने कहा कि प्रदेश में 2016 में 1422 डाक्टर थे, जिनकी संख्या 2021 तक 2126 हो चुकी है। इस महीने के अंत तक 763 डाक्टरों की नियुक्ति हो जाएगी। 1200 नर्सों की भर्ती पर काम चल रहा है। शुक्रवार को पुरोला के विधायक राज कुमार ने पुरोला, नौगांव व मौरी में महिला डाक्टर न होने से प्रसव के दौरान महिलाओं की मौत का मामला उठाया।
उन्होंने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डाक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों के पद खाली हैं। स्त्री रोग विशेषज्ञ न होने से प्रसूता को देहरादून रैफर कर दिया जाता है। देहरादून लाते समय कुछ महिलाओं की मौत भी हो चुकी है। संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने कहा कि मार्च माह तक नए डाक्टरों की नियुक्ति हो जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुरोला विधानसभा में डाक्टरों की प्राथमिकता के आधार पर नियुक्ति के प्रयास किए जाएंगे। संसदीय कार्यमंत्री के उत्तर से असंतुष्ट विधायक सदन से बाहर चले गए।
भोटिया पड़ाव में भूमिधरी के अधिकार को डीएम से रिपोर्ट मांगेगी सरकार
संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने कहा कि भोटिया पड़ाव में रह रहे नीति माणा के लोगों को भूमिधरी का अधिकार के लिए जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगेंगे। उन्होंने कहा रिपोर्ट के आधार पर सरकार निर्णय लेगी।
ट्रैकिंग में स्थानीय ऑपरेटर को मिलेगी प्राथमिकता : हरक
वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश सरकार ट्रैकिंग के लिए स्थानीय ऑपरेटर को प्राथमिकता देगी। नौ मार्च को बैठक होगी, जिसमें इस पर विचार होगा। उन्होंने यह आश्वासन सदन में निर्दलीय विधायक प्रीतम पंवार के कार्यस्थगन प्रस्ताव के जवाब दिया। प्रीतम ने सवाल उठाया कि ट्रैकिंग सेक्टर में वन विभाग ने विदेशी कंपनी को अनुमति दी है। इससे स्थानीय टूर आपरेटर में रोष है। उन्होंने स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने की मांग की। वन मंत्री ने कहा कि 2004 में गाइडलाइन बनी है। उसके आधार पर ट्रैकिंग की अनुमति दी जाती है। उत्तराखंड पर्यटन राज्य है, इसलिए देश और विदेश की कंपनी को नहीं रोका जा सकता, लेकिन सरकार स्थानीय आपरेटर को प्राथमिकता देगी।