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बीज निगम, घराट और यूरिया पर गरमाया उत्तराखंड सदन, होगी जांच

Mon, 12 Jun 2017 10:48 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
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uttarakhand assembly
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तराई बीज विकास निगम में घोटाले-फर्जी नियुक्तियों की जांच से संबंधित भाटी आयोग की रिपोर्ट का परीक्षण और चमोली जिले में घराटों की जमीनी हकीकत और हरिद्वार जिले में किसानों को यूरिया न मिलने की जांच होगी। विधानसभा में 12 जून को ये मुद्दे उठने पर राज्य सरकार ने इन सभी मामलों में जांच के आदेश दे दिए हैं।
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इन मुद्दों पर सरकार पक्ष और विपक्ष दोनों के निशाने पर रही।तराई बीज विकास निगम में घोटाले का मामला कार्यस्थगन के दौरान विपक्षी विधायक करन माहरा ने उठाया। उन्होंने भाटी आयोग की रिपोर्ट सदन पटल पर रखने और इसमें हुई देरी की जांच कराने की मांग की।

हालांकि सरकार की ओर से संकेतों में इसके लिए पूर्ववर्ती सरकार को जिम्मेदार ठहराया गया। इस पर माहरा ने रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करने की मांग की, जिस पर संसदीय कार्यमंत्री प्रकाश पंत ने आश्वासन दिया कि से संबंधित भाटी आयोग की जांच रिपोर्ट समेत सभी विषयों का परीक्षण कराकर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने सदन को आश्वस्त किया कि तराई बीज विकास निगम में भ्रष्टाचार और नियुक्तियों में अनियमितता से जुड़ी केआर भाटी आयोग की जांच रिपोर्ट का परीक्षण कराया जाएगा।
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इसी तरह, हरिद्वार जिले में यूरिया संकट का मुद्दा सदन में गरमाया। कार्यस्थगन प्रस्ताव में काजी निजामुद्दीन ने चिंता जाहिर की कि जिले में यूरिया न मिलने से किसान भारी परेशानी में हैं। इस पर कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने जिले में यूरिया संकट की जांच के आदेश दिए। साथ उन्होंने किसानों को जल्द यूरिया उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

उन्होंने कहा कि विभाग को 75 हजार मीट्रिक टन डिमांड मिली थी, जिसके सापेक्ष 56756 मीट्रिक टन की आपूर्ति की गई है। अवशेष की आपूर्ति जून माह तक करा दी जाएगी।
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पीपीपी मोड का होगा परीक्षण

uttarakhand assembly - फोटो : अमरउजाला
बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट ने सरकार से यह मांग उठाई कि प्रदेश सरकार चमोली जिले के 208 घराटों की जांच कराए कि उनमें से कितने अस्तित्व में हैं। इस पर संसदीय कार्यमंत्री प्रकाश पंत ने सदन में प्रश्नकाल के दौरान ही घराटों के भौतिक सत्यापन के आदेश दे दिए। भट्ट के प्रश्न के उत्तर में संसदीय कार्यमंत्री ने जानकारी दी कि जिले में 18 में से 12 जल विद्युत परियोजनाएं संचालित हो रही हैं। शेष छह में से तीन में जीर्णोद्धार और तीन अक्रियाशील है।

इनके सुधारीकरण के लिए सरकार ने 12 करोड़ 84 लाख 69 हजार रुपये स्वीकृत किए हैं, जबकि 208 घराटों के सुधारीकरण के लिए 212 करोड़ की मंजूरी दी गई। इस पर भट्ट ने घराटों की सच्चाई जानने के बाद ही पैसा दिए जाने का सुझाव दिया।

प्रदेश सरकार पीपीपी मोड पर संचालित हो रहे सभी राजकीय अस्पतालों के एमओयू का परीक्षण कराएगी। यह आदेश संसदीय कार्यमंत्री ने सदन में धारचूला के विधायक हरीश धामी के कार्यस्थगन प्रस्ताव के दौरान उठाए गए मुद्दे पर दिए। धामी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुनस्यारी में प्रसव के दौरान प्रेमा देवी के नामक महिला की मौत का मुद्दा उठाया और अस्पताल में डाक्टरों की डिग्री की जांच की मांग की। उनकी मांग पर सरकार ने महिला के परिजनों को आर्थिक मदद देने पर विचार करने का भी भरोसा दिया।
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